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प्रश्न
प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने क्या-क्या आशंका प्रकट की है?
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उत्तर
प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने दो आशंकाएँ प्रकट की हैं-
- बनिए के तगादे से बचने के लिए मील-दो मील का चक्कर प्रतिदिन लगाकर घर पहुँचना।
- सदियों से परत दर परत जमी किसी चीज़ पर ढोकर मार-मारकर जूता फाड़ लेना।
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