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प्रश्न
पित्त रस में कोई पाचक एंजाइम नहीं होते, फिर भी यह पाचन के लिए महत्त्वपूर्ण है; क्यों?
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उत्तर
पित्त:
पित्त का स्रावण यकृत से होता है। इसमें कोई एंजाइम नहीं होता। इसमें अकार्बनिक तथा कार्बनिक लवण, पित्त वर्णक, कोलेस्टेरॉल, लेसीथिन आदि होते हैं।
- यह आमाशय से आई अम्लीय लुगदी को पतली क्षारीय काइल में बदलता है जिससे अग्न्याशयी एन्जाइम भोजन का पाचन कर सकें।
- यह वसा का इमल्सीकरण करता है। इमल्सीकृत वसा का लाइपेज एन्जाइम द्वारा सुगमता से पाचन हो जाता है।
- कार्बनिक लवण वसा के पाचन में सहायता करते हैं।
- हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करके भोजन को सड़ने से बचाता है।
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पाचन एवं अवशोषण
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स्तंभ I का स्तंभ II से मिलान कीजिए |
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| बिलिरुबिन व बिलिवर्डिन | पैरोटिड |
| मंड (स्टार्च) का जल-अपघटन | पित्त |
| वसा का पाचन | लाइपेस |
| लार ग्रंथि | एमाइलेस |
संक्षेप में उत्तर दें:
पेप्सिनोजेन अपने सक्रिय रूप में कैसे परिवर्तित होता है?
