Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पिछली कक्षा में आप विशेषण और उसके भेदों से परिचय प्राप्त कर चुके हैं। नीचे दिए गए विशेषण और विशेष्य (संज्ञा) का मिलान कीजिए-
| विशेषण | विशेषण |
| संभ्रांत | वर्षा |
| चंचल | जंगल |
| समतल | महिला |
| घना | नदियाँ |
| मूसलाधार | आँगन |
Advertisements
उत्तर
| विशेषण | विशेषण |
| संभ्रांत | महिला |
| चंचल | नदियाँ |
| समतल | आँगन |
| घना | जंगल |
| मूसलाधार | वर्षा |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मित्र किस प्रकार का दोमुंहा व्यवहार करते हैं।
सिंधु और ब्रह्मपुत्र के उद्गम के बारे में लेखक का क्या विचार है?
गांधी जी ने आश्रम की स्थापना कब की थी?
अगर तुम्हें रोबोट से कुछ काम करवाना हो तो क्या करोगे?
पाठ के आधार पर गारो जनजाति के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखो।
विश्वेश्वरैया के मन में कौन-कौन से सवाल उठते थे?
इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।
मैं काफी धन कमा लूँगा।
नाटक में बच्ची को बचाने वाले पात्रों में एक ही सजीव पात्र है। उसकी कौन-कौन सी बातें आपको मज़ेदार लगीं? लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
इस पाठ और लेखक का नाम इनमें से कौन-सा है?
शरीर-रचना का चित्र देखकर उसमें रक्त-संचार क्रिया को ठीक-ठीक समझिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
बगीचा में चिड़िया कहाँ आकर बैठी थी?
माधवदास ने किसका निर्माण करवाया था?
तोत्तो चान के गले में रेल पास क्यों लटक रहा था?
कंचे जब जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तब क्या होता है?
खानपान में बदलाव के कौन से फ़ायदे हैं? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चिंतित क्यों है?
गाँधी जी ने अखिल भारतीय कांग्रेस सहित कई संस्थाओं व आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी जीवनी या उन पर लिखी गई किताबों से उन अंशों को चुनिए जिनसे हिसाब-किताब के प्रति गाँधी जी की चुस्ती का पता चलता है।
सन् 1857 के आंदोलन में भाग लेनेवाले किन्हीं चार सेनानियों पर दो-दो वाक्य लिखिए।
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
टूट पड़ना
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
वीरगति पाना
सही चिन्ह लगाओ।
| " | " | । | , | ? |
सुधा ने पूछा क्या मैं नाच सकूँगी डॉ. सेठी ने कहा क्यों नहीं प्रयास करो तो सब कुछ संभव है
