Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाकर ही दम लिया। इसके लिए उसने क्या-क्या प्रयास किया?
Advertisements
उत्तर
सीढी द्वारा यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाने की अपनी प्रथम कोशिश नाकाम होने के बाद, तोत्तो-चान फिर चौकीदार के छप्पर की ओर दौड़कर गई। यहाँ से एक तिपाई-सीढ़ी घसीट लाई। उसने यासुकी-चान को एक-एक पैर सीढ़ी रखने में सहायता की। जब यासुकी-चान तिपाई सीढ़ी के ऊपर पहुँच गया तो तोत्तो-चान ने दुविशाखा पर चढ़कर बड़े परिश्रम से उसे ऊपर खींच लिया जिससे वह विशाखा तक पहुँच गया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखक के बीमार होने पर उसकी सबसे अधिक देखभाल कौन करता था?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
बेतवा नदी को किसकी प्रेयसी के रूप चित्रित किया गया है?
मिठाईवाला पहले क्या था?
बहुविकल्पी प्रश्न
आश्रम में कितनी पुस्तकें रखने की बात हो रही थी?
समुद्र से सीपी, कौड़ी, शंख, पत्थर आदि प्राप्त होते हैं। पता करो उससे और क्या-क्या चीज़ें प्राप्त होती हैं जो मनुष्य के लिए उपयोगी हैं? इसकी एक सूची बनाओ।
काबुलीवाला हमेशा पैसे क्यों लौटा देता था?
सही मिलान करो
|
(क) |
बे-सिर-पैर |
तुरंत |
|
(ख) |
पलक झपकते ही |
बिना मतलब की |
|
(ग) |
बँधी हुई बातें |
चेहरा सामने से हटा लेना |
|
(घ) |
बात चलना |
निश्चित बातें/एक ही तरह की बातचीत |
|
(ङ) |
मुँह फेरना |
बात शुरू होना |
तुमने पाठ में पढ़ा कि एक बूढ़ी महिला ताड़पत्र से बनी छतरी लिए खड़ी थी। पता करो कि ताड़पत्र से और क्या-क्या बनाया जाता है?
अपने संस्कृत शिक्षक से पूछिए कि कालिदास ने हिमालय को देवात्मा क्यों कहा है?
कौआ समाज में होने वाली घटनाओं की जानकारी कैसे रखता था?
मिठाईवाला अलग-अलग चीज़ें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था?
इस कहानी में मिठाईवाला दूसरों को प्यार और खुशी देकर अपना दुख कम करता है? इस मिज़ाज की और कहानियाँ, कविताएँ ढूंढ़िए और पढ़िए।
पाठ में तैंने, छनभर, खुश करियो-तीन वाक्यांश ऐसे हैं जो खड़ीबोली हिंदी के वर्तमान रूप में तूने, क्षणभर, खुश करना लिखे-बोले जाते हैं लेकिन हिंदी के निकट की बोलियों में कहीं-कहीं इनके प्रयोग होते हैं। इस तरह के कुछ अन्य शब्दों की खोज कीजिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
माधवदास चिड़िया से क्या चाहता था?
आप कहानी को क्या शीर्षक देना चाहेंगे?
गुल्ली-डंडा और क्रिकेट में कुछ समानता है और कुछ अंतर। बताइए कौन-सी समानताएँ और क्या-क्या अंतर हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
काँच के बड़े-बड़े ज़ार कहाँ रखे थे?
कुब्जा और नीलकंठ के स्वभाव में अंतर स्पष्ट कीजिए।
पाठ के किन प्रसंगों से आपको पता चलता है कि कुँवर सिंह साहसी, उदार एवं स्वाभिमानी व्यक्ति थे?
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
प्राणों की बाजी लगाना
