Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निर्जीव वस्तुओं को मानव-संबंधी नाम देने से निर्जीव वस्तुएँ भी मानो जीवित हो उठती हैं। लेखक ने इस पाठ में कई स्थानों पर ऐसे प्रयोग किए हैं, जैसे
(क) परंतु इस बार जब मैं हिमालय के कंधे पर चढ़ा तो वे कुछ और रूप में सामने थीं।
(ख) काका कालेलकर ने नदियों को लोकमाता कहा है।
• पाठ से इसी तरह के और उदाहरण ढूँढ़िए।
Advertisements
उत्तर
(i) संभ्रांत महिला की भाँति वे प्रतीत होती थीं।
(ii) जितना की इन बेटियों की बाल लीला देखकर।
(iii) बूढ़े हिमालय की गोद में बच्चियाँ बनकर ये कैसे खेल करती हैं।
(iv) हिमालय को ससुर और समुद्र को दामाद कहने में कुछ भी झिझक नहीं होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बंधन किसका है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम इनमें से कौन-सा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
आश्रम में औज़ारों की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही थी?
गांधी जी ने आश्रम की स्थापना कब करनी चाही?
रोबोट ऐसे कौन-कौन से काम कर सकता है जो मनुष्य नहीं कर सकता?
हर्ष और कनक ने मंजरी को समुद्र से निकाला। इसके बाद उन्होंने मंजरी को प्राथमिक उपचार दिया। पता करो तुम कौन से प्राथमिक उपचार करोगे, यदि
- किसी का हाथ गर्म चीज़ से जल जाए
- पैर में काँच घुस जाए
- कोई ज़हरीला जंतु काट ले
पाठ के आधार पर गारो जनजाति के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखो।
नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-
व ______ ![]()
तुम्हें सर्दी-गरमी के मौसम में अपने घर के आसपास क्या-क्या दिखाई देता है?
बोलचाल में प्रयोग होने वाले शब्द और वाक्यांश 'दादी माँ' कहानी में हैं। इन शब्दों और वाक्यांशो से पता चलता है कि यह कहानी किसी विशेष क्षेत्र से संबंधित है। ऐसे शब्दों और वाक्यांशो में क्षेत्रीय बोलचाल की खूबियाँ होती हैं। उदाहरण के लिए-निकसार, बरह्मा, उरिन, चिउड़ा, छौंका इत्यादि शब्दों को देखा जा सकता है। इन शब्दों का उच्चारण अन्य क्षेत्रीय बोलयों में अलग ढंग से होता है, जैसे-चिउड़ा को चिड़वा, चूड़त्र, पोहा और इसी तरह छौंका को छौंक, तड़का भी कहा जाता है। निकसार, उरिन और बरह्मा शब्द क्रमश: निकास, उऋण और ब्रह्मा शब्द का क्षेत्रीय रूप हैं। इस प्रकार के दस शब्दों को बोलचाल में उपयोग होनेवाली भाषा/बोली से एकत्र कीजिए और कक्षा में लिखकर दिखाइए।
अपनी बात कहते हुए लेखक ने अनेक समानताएँ प्रस्तुत की हैं। ऐसी तुलना से अर्थ अधिक स्पष्ट एवं सुंदर बन जाता है। उदाहरण
(क) संभ्रांत महिला की भाँति वे प्रतीत होती थीं।
(ख) माँ और दादी, मौसी और मामी की गोद की तरह उनकी धारा में डुबकियाँ लगाया करता।
• अन्य पाठों से ऐसे पाँच तुलनात्मक प्रयोग निकालकर कक्षा में सुनाइए और उन सुंदर प्रयोगों को कॉपी में भी लिखिए।
'उनके खयाल में शायद ही यह बात आ सके कि बूढे हिमालय की गोद में बच्चियाँ बनकर ये कैसे खेला करती हैं।’
• उपर्युक्त पंक्ति में ‘ही’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। ‘ही’ वाला वाक्य नकारात्मक अर्थ दे रहा है। इसीलिए ‘ही’ वाले वाक्य में कही गई बात को हम ऐसे भी कह सकते हैं-उनके खयाल में शायद यह बात न आ सके।
• इसी प्रकार नकारात्मक प्रश्नवाचक वाक्य कई बार ‘नहीं’ के अर्थ में इस्तेमाल नहीं होते हैं, जैसे-महात्मा गाँधी को कौन नहीं जानता? दोनों प्रकार के वाक्यों के समान तीन-तीन उदाहरण सोचिए और इस दृष्टि से उनको विश्लेषण कीजिए।
खंभा को बरसात की रात क्यों पसंद नहीं है?
बहुविकल्पी प्रश्न
बगीचा में चिड़िया कहाँ आकर बैठी थी?
अप्पू के कंचे सड़क पर कैसे बिखर गए?
'यह कोई जरूरी नहीं कि शोहरत पैसा भी साथ लेकर आए'-क्या आप धनराज पिल्लै की इस बात से सहमत हैं? अपने अनुभव और बड़ों से बातचीत के आधार पर लिखिए।
नीचे कुछ शब्द लिखे हैं जिनमें अलग-अलग प्रत्ययों के कारण बारीक अंतर है। इस अंतर को समझाने के लिए इन शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए-
-
प्रेरणा
प्रेरक
प्रेरित
संभव
संभावित
संभवत
उत्साह
उत्साहित
उत्साहवर्धक
हर खेल के अपने नियम, खेलने के तौर-तरीके और अपनी शब्दावली होती है। जिस खेल में आपकी रुचि हो उससे संबंधित कुछ शब्दों को लिखिए, जैसे-फुटबॉल के खेल से संबंधित शब्द हैं-गोल, बैकिंग, पासिंग, बूट इत्यादि।
खानपान संस्कृति का ‘राष्ट्रीय एकता’ में क्या योगदान है?
