Advertisements
Advertisements
प्रश्न
फेरीवालों की दिनचर्या कैसी होती होगी? उनका घर-परिवार कहाँ होगा? उनकी जिंदगी में किस प्रकार की समस्याएँ और उतार-चढ़ाव आते होंगे? यह जानने के लिए दो-दो के समूह में छात्र-छात्राएँ कुछ प्रश्न तैयार करें और फेरीवालों से बातचीत करें। प्रत्येक समूह अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े फेरीवाले से बात करें।
Advertisements
उत्तर
फेरीवाले का जीवन काफ़ी कठिन होता है। वह सुबह से शाम तक गलियों में चक्कर लगाते रहते हैं। उनका घर-परिवार उनसे अलग गाँव या दूसरे शहर में होता है या किसी छोटी कॉलोनियों में। उनके जीवन में अनेक समस्याएँ आती होंगी। जैसे पूरा सामान न बिकना, सामान का खराब हो जाना या सड़ जाना, तबियत खराब होने, अधिक बारिश होने पर, या अधिक गरमी पड़ने से घर से बाहर न निकल पाना। कभी-कभी इन्हें खरीद से कम में भी माल बेचना पड़ता है जिससे कि इनका मूल धन डूब जाए, इस प्रकार की और भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रश्नानुसार आज अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े फेरीवालों से उनकी समस्याएँ व जीवन के बारे में बात करें।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
दादी माँ को बीमारियों का ज्ञान कैसा था? इस विषय में विस्तार से लिखिए।
नदियों की धाराओं में डुबकियाँ लगाना लेखक को कैसा लगता था?
मुरलीवाले का स्वर सुनकर रोहिणी को क्या स्मरण हो आया?
इस पाठ से हमें क्या संदेश मिलता है?
गांधी जी ने आश्रम के अनुमानित खर्च का ब्यौरा क्यों तैयार किया?
अनिल दिव्या को अस्पताल क्यों ले गया?
मंजरी ने कनक को अपना खिलौना क्यों दे दिया?
पाठ के आधार पर गारो जनजाति के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखो।
नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-
व ______ 
काबुलीवाला हमेशा पैसे क्यों लौटा देता था?
डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?
सुधा पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गई?
इस कहानी का कोई और शीर्षक देना हो तो आप क्या देना चाहेंगे और क्यों?
सोचकर लिखिए कि यदि सारी सुविधाएँ देकर एक कमरे में आपको सारे दिन बंद रहने को कहा जाए तो क्या आप स्वीकार करेंगे? आपको अधिक प्रिय क्या होगा-'स्वाधीनता' या 'प्रलोभनोंवाली पराधीनता'? ऐसा क्यों कहा जाता है कि पराधीन व्यक्ति को सपने में भी सुख नहीं मिल पाता। नीचे दिए गए कारणों को पढ़ें और विचार करें-
(क) क्योंकि किसी को पराधीन बनाने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति स्वयं दुखी होता है, वह किसी को सुखी नहीं कर सकता।
(ख) क्योंकि पराधीन व्यक्ति सुख के सपने देखना ही नहीं चाहता।
(ग) क्योंकि पराधीन व्यक्ति को सुख के सपने देखने का भी अवसर नहीं मिलता।
बहुविकल्पी प्रश्न
बच्चे किसे अपनी संपत्ति मानते थे?
क्या आप और आपके आसपास के लोग अपनी गलतियों के लिए माफ़ी माँग लेते हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
खानपान की संस्कृति में बड़ा बदलाव कब से आया?
मथुरा-आगरा के कौन-से व्यंजन प्रसिद्ध रहे हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
अन्य जानवर जब व्यस्त होते थे तो नीलकंठ क्या करता था?
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
निढाल होना
