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प्रश्न
PbO और PbO2 की HCl के साथ निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
\[\ce{2PbO + 4HCl → 2PbCl2 + 2H2O}\]
\[\ce{PbO2 + 4HCl → PbCl2 + Cl2 + 2H2O}\]
इन यौगिकों की अभिक्रियाशीलता में अन्तर क्यों हैं?
रासायनिक समीकरण/संरचनाएँ
दीर्घउत्तर
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उत्तर
PbO में Pb की ऑक्सीकरण संख्या +2 होती है, जो अभिक्रिया के बाद भी +2 ही रहती है। इसलिए यह केवल अम्ल-क्षार अभिक्रिया करता है।
\[\ce{2PbO + 4HCl → 2PbCl2 + 2H2O}\]
PbO2 में Pb की ऑक्सीकरण संख्या +4 होती है, जो अभिक्रिया में +2 हो जाती है। अतः PbO2 ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है और HCl के Cl− आयनों का ऑक्सीकरण करके Cl2 गैस मुक्त करता है। यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।
\[\ce{PbO2 + 4HCl → PbCl2 + Cl2 + 2H2O}\]
अतः PbO और PbO2 की अभिक्रियाशीलता में अंतर उनके Pb की भिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं (+2 और +4) के कारण होता है।
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