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पाठ में आए ऐसे प्रसंगों का वर्णन कीजिए जो आपके दिल को छू गए हों?

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प्रश्न

पाठ में आए ऐसे प्रसंगों का वर्णन कीजिए जो आपके दिल को छू गए हों?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

  1. भोलानाथ जब अपने पिता की गोद में बैठा हुआ है, तो आईने में अपने प्रतिबिम्ब को देखकर खुश होता रहता है। वहीं पिता द्वारा रामायण पाठ छोड़कर देखने पर लजाकर व मुस्कुराकर आईना रख देना । यहाँ बच्चों का अपने अक्ष के प्रति जिज्ञासा भाव बड़ा ही मनोहर लगता है और उसका शर्माकर आईना रखना बहुत ही सुन्दर वर्णन है।
  2. बच्चों द्वारा बारात का स्वांग रचते हुए दुल्हन को लिवा लाना व पिता द्वारा दुल्हन का घुघंट उटाने पर सब बच्चों का भाग जाना, बच्चों के खेल में समाज के प्रति उनका रूझान झलकता है तो दूसरी और उनकी नाटकीयता, स्वांग उनका बचपना।
  3. बच्चे का अपने पिता के साथ कुश्ती लड़ना। शिथिल होकर बच्चे के बल को बढ़ावा देना और पछाड़ खाकर गिर जाना। बच्चे का अपने पिता की मूंछ खींचना और पिता का इसमें प्रसन्न होना बड़ा ही आनन्दमयी प्रसंग है।
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माता का आँचल
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अध्याय 1: माता का अँचल - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८]

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एनसीईआरटी Hindi Kritika Bhag 2 Class 10
अध्याय 1 माता का अँचल
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ८

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'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

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