हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

पाठ (गोदान) में प्रयुक्‍त मुहावरे ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए तथा वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पाठ (गोदान) में प्रयुक्‍त मुहावरे ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए तथा वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

1) कपड़े तार-तार होना। 
अर्थ: कपड़ों का फट जाना।
वाक्‍य - होरी के शरीर के सारे कपड़े तार-तार हो गए थे।

2) कदमों पर गिर पड़ना।
अर्थ: शरण में आना।
वाक्‍य - 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेनाएँ भारतीय सेनाओं के कदमों पर गिर पढ़ीं।

3) घुल जाना।
अर्थ: दुबला हो जाना।
वाक्‍य - गरीबी के कारण रमेश का हाथी जैसा शरीर घुल गया।

4) कलेजा मजबूत करना।
अर्थ: हिम्मत करना।
वाक्‍य - कलेजा मजबूत करके ही हीरा अपने भाई होरी से मिलने आया।

(5) छाती फूल उठना।
अर्थ: गर्व होना।
वाक्‍य: जब मैंने एम. ए. की पढ़ाई पूरी कर ली तो मेरे अध्यापक की छाती फूल गई।

(6) कलेजा सन्न होना।
अर्थ: घबरा जाना।
वाक्‍य: होरी की दशा देखकर धनिया का कलेजा सन्न हो गया।

7) पछाड़ खाकर गिरना। 
अर्थ: मूर्छित होकर गिरना।
वाक्‍य: होरी का अंतिम समय जानकर धनिया पछाड़ खाकर गिर पड़ी।

shaalaa.com
व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.03: गोदान - स्वाध्याय [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 2.03 गोदान
स्वाध्याय | Q (३) (ख) | पृष्ठ ७१

संबंधित प्रश्न

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

बादल


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

उधड़े


निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:

भारतीय कलाकारों का सम्‍मान तथा उन्हें नमन करने का मन करता है।


उचित विराम चिह्न लगाओ:

बालभारती हिंदी की पुस्तकें हैं।
सुलभभारती

ज़रूरत-भर जीरा वहाँ से ले लिया कि फिर सारा चौक उनके लिए आसानी से नहीं के बराबर हो जाता है- भगत जी की इस संतुष्ट निस्पृहता की कबीर की इस सूक्ति से तुलना कीजिए-
चाह गई चिंता गई मनुआँ बेपरवाह
जाके कछु न चाहिए सोइ सहंसाह।
-कबीर

नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-

(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।

(ख) लोग संयमी भी होते हैं।

(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।

ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-

मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)

आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

तुमने मेरी पुस्तक क्यों नहीं लौटा दी है?


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
+ अभ्‍युत्‍थान ×

निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

हमारे पिता जी अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत थे।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×