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प्रश्न
“ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे।” क्या ‘साधु’ की पहचान पहनावे के आधार पर की जानी चाहिए? आप किन आधारों पर यह सुनिश्चित करेंगे कि अमुक व्यक्ति ‘साधु’ है?
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उत्तर
एक साधु की पहचान उसके पहनावे से नहीं बल्कि उसके आचार-व्यवहार तथा इसकी जीवन प्रणाली पर आधारित होती है। साधु को हमेशा दूसरों की सहायता करनी चाहिए, मोह-माया, लोभ से स्वयं को मुक्त रखना चाहिए। साधु का जीवन सात्विक होता है, उसका जीवन भोग-विलास की छाया से भी दूर होता है। उसके मन में केवल ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति होती है।
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