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गाँव का सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश आषाढ़ चढ़ते ही उल्लास से क्यों भर जाता है?

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प्रश्न

गाँव का सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश आषाढ़ चढ़ते ही उल्लास से क्यों भर जाता है?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ के गाँव मुख्य रूप से खेती पर निर्भर रहते हैं। वर्षा ऋतु का आगमन आषाढ़ मास में होता है। इस महीने में जब रिमझिम फुहारें पड़ती हैं, तो भगत जी अपने मधुर गीतों को गुनगुनाते हुए खेतों में काम करते हैं। उनके गीतों की मधुर ध्वनि वातावरण को आनंदमय बना देती है। महिलाएँ भी इस संगीत की मिठास में डूबकर गाने लगती हैं, और बच्चे बारिश का आनंद लेते हुए खेलते हैं। किसान भी अच्छी फसल की उम्मीद से प्रसन्न हो जाते हैं। इस प्रकार पूरा गाँव उल्लास और खुशियों से भर जाता है।

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बालगोबिन भगत
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अध्याय 11: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७४]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 11 रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत
प्रश्न-अभ्यास | Q 11 | पृष्ठ ७४

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गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

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