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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए -
करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान
- सूक्ति का आशय
- जीवन में अभ्यास का महत्व
- सफलता का मूलमंत्र
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उत्तर
करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान
"करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान" यह सूक्ति हिन्दी के धार्मिक ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब से ली गई है और इसका आशय है कि जीवन में नियमित अभ्यास से व्यक्ति विचारशील बनता है। सूक्ति का आशय है कि अभ्यास से ज्ञान और समर्थता प्राप्त की जा सकती है। व्यक्ति जो निरंतर प्रयास करता है, उसे जीवन में सफलता मिलती है।
अभ्यास का महत्व जीवन में समर्पितता और समर्पण को बढ़ाता है। व्यक्ति जो निरंतर प्रयास करता है और अभ्यास करता है, उसके लिए सफलता अवश्य मिलती है। अभ्यास के माध्यम से अविवेक और अज्ञानता का समाधान होता है और व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होता है। सफलता का मूलमंत्र है निरंतर प्रयास, समर्पण, धैर्य, और सकारात्मकता। यही एक सफल और समृद्ध जीवन के मार्गदर्शक होता है। अभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपने कौशल को समृद्ध करता है और सफल जीवन का आनंद उठाता है।
Notes
- विषयवस्तु - 2 अंक
- भाषा - 1 अंक
- प्रस्तुति - 2 अंक
