- जहाँ कहानी का संबंध लेखक और पाठक से जुड़ता है वहीं नाटक लेखक, निर्देशक, पात्र, दर्शक, श्रोता एवं अन्य लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है।
- चूँकि दृश्य का स्मृतियों से गहरा संबंध होता है इसलिए नाटक एवं फ़िल्म को लो गदेर तक याद रखते हैं।
- यही कारण है कि गोदान, देवदास, उसने कहा था, सद्गति आदि के नाट्य रूपांत रण कई बार हुए हैं और कई तरह से हुए हैं।
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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 80 शब्दों में उत्तर दीजिए:
नाटक और कहानी में क्या अंतर है? कहानी की तुलना में नाटक को लंबे समय तक लोग क्यों याद रखते हैं?
लघु उत्तरीय
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उत्तर
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