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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
‘कनुप्रिया’ की वेदना को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
‘कनुप्रिया’ काव्य में राधा अपने प्रियतम कनु (कृष्ण) के महाभारत युदूध के महानायक के रूप में अपने से दूर चले जाने से व्यथित है। वह अपने मन की भावनाओं को लेकर तरह-तरह की कल्पनाएँ करती है। उसका सोचना है कि उसका कनु लीला क्षेत्र से उठकर चला गया है और उसने युदूध क्षेत्र को अपना लिया है। राधा को इस बात का बहुत कष्ट है कि कृष्ण युदूध क्षेत्र के महानायक भले हो गए हों, पर इसके लिए उन्होंने उसका (राधा का) उपयोग सेतु के रूप में किया है। उन्होंने यह कदम उठाते हुए उसके (राधा के) प्यार की परवाह नहीं की। राधा का मानना यह है कि उन्हें जाना था और वे (कृष्ण) गए, पर उसमें बलि उसकी (राधा की चढ़ी थी)।
राधा को लगता है कि लीला क्षेत्र और युदूध के बीच तड़पता राधा का शरीर अब निर्जन और निरर्थकसा हो गया है।
