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प्रश्न
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:
‘चन्द्रयान-३’ इस पर फीचर लेखन कीजिए।
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उत्तर
चंद्रयान - ३
अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र ने हमारे देश ने आशातीत सफलता प्राप्त की है। इसी का परिणाम है कि भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की गणना अमेरिका, रूस तथा चीन जैसे देशों के अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों की बराबरी में की जाने लगी है। इतना ही नहीं, भारत के चंद्रयान - ३ की विलक्षण सफलता के बाद भारत अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अमेरिका, रूस तथा चीन से भी कहीं आगे पहुँच गया है।
भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपने चंद्रयान - ३ को सफलतापूर्वक उतारने वाला संसार का प्रथम देश बन गया है। इसके साथ ही चंद्रमा पर सफलतापूर्वक अपना चंद्रयान उतारने वाले अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के साथ भारत ने चौथे देश के रूप में भी अपना नाम जोड़ दिया है।
चंद्रयान - ३ को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) दूवारा 14 जुलाई 2023 को अंतरिक्ष में छोड़ा गया था और यह अपनी लंबी यात्रा पूरी करके 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी धुत्र पर सफलतापूर्वक उतरा था। इसके पहले चंद्रयान - २ को अंतरिक्ष में भेजा गया था, पर इसे सुरक्षित रूप से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरने में पूरी सफलता नहीं मिली थी। इसलिए चंद्रयान - ३ में आवश्यक सुधार करके दुबारा अंतरिक्ष में भेजा गया और इस यान को सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरने में पूर्ण सफलता मिली थी।
अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में चंद्रयान - ३ हमारे देश का अत्यंत महत्त्वपूर्ण मिशन है, जिसे देश के वैज्ञानिकों ने अपने अथक परिश्रम से सफल बनाया है।
