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प्रश्न
निम्नलिखित पंक्तिय का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
तेलन तूलनि पूँछि जरी न जरी, जरी लंक जराई-जरी।
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उत्तर
प्रस्तुत पंक्तियों में मंदोदरी ने हनुमान की शक्ति से परिचय कराया है। ब्रजभाषा का सुंदर प्रयोग है। गेयता का गुण विद्यमान है। 'त' तथा 'ज' शब्दों के द्वारा काव्यांश में बहुत सुंदर चमत्कार उत्पन्न किया गया है। यह अनुप्रास अलंकार का सुंदर उदाहरण है। 'जरी' 'जरी' यमक अलंकार का उदाहरण है।
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निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
पति बर्नै चारमुख पूत बर्नै पंच मुख नाती बर्नै षटमुख तदपि नई-नई।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
भावी भूत बर्तमान जगत बखानत है 'केसोदास' क्यों हू ना बखानी काहू पै गई।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
अघओघ की बेरी कटी बिकटी निकटी प्रकटी गुरूजान-गटी।
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
चहुँ ओरनि नाचति मुक्तिनटी गुन धूरजटी वन पंचवटी।
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
सिंधु तर यो उनको बनरा तुम पै धनुरेख गई न तरी।
