Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पद से आप क्या समझते हैं?
भाप अंगार गैस सृति अभिक्रिया
Advertisements
उत्तर
सिन्गैस में उपस्थित कार्बन मोनोक्साइड की आयरन क्रोमेट उत्प्रेरक की उपस्थिति में भाप से क्रिया कराने पर डाइहाइड्रोजन का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है-
\[\ce{CO(g) + H2O(g) ->[673K][{उत्प्रेरक}] CO2(g) + H2(g)}\]
यह ‘भाप-अंगार गैस सृति अभिक्रिया’ (water gas shift reaction) कहलाती है। वर्तमान में लगभग 77 प्रतिशत डाइहाइड्रोजन का औद्योगिक उत्पादन शैल रसायनों (petro-chemicals), 18 प्रतिशत कोल, 4 प्रतिशत जलीय विलयनों के विद्युत-अपघटन तथा 1 प्रतिशत उत्पादन अन्य स्रोतों से होता है।
संबंधित प्रश्न
जल के स्वतः प्रोटोनीकरण से आप क्या समझते हैं? इसका क्या महत्त्व है?
F2 के साथ जल की अभिक्रिया में ऑक्सीकरण तथा अपचयन के पदों पर विचार कीजिए एवं बताइए कि कौन-सी स्पीशीज़ ऑक्सीकृत/अपचयित होती है?
जल की अस्थायी एवं स्थायी कठोरता के क्या कारण हैं? वर्णन कीजिए।
संश्लेषित आयन विनिमयक विधि द्वारा कठोर जल के मृदुकरण के सिद्धांत एवं विधि की विवेचना कीजिए।
जल के उभयधर्मी स्वभाव को दर्शाने वाले रासायनिक समीकरण लिखिए।
विखनिजित जल से क्या अभिक्रिया है?
क्या विखनिजित या आसुत जल पेय-प्रयोजनों में उपयोगी है? यदि नहीं, तो इसे उपयोगी कैसे बनाया जा सकता है?
जल का कौन-सा गुण इसे विलायक के रूप में उपयोगी बनाता है? यह किस प्रकार के यौगिक-
(i) घोल सकता है और
(ii) जल-अपघटन कर सकता है?
‘जल-अपघटन’ (Hydrolysis) तथा ‘जलयोजन’ (Hydration) पदों में क्या अंतर है?
H2O2 विरंजन कारक के रूप में कैसे व्यवहार करता है? लिखिए।
