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प्रश्न
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य (‘अकथ कथ्यौ न जाइ’) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त संदेश/प्रेरणा - [2]
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
- रचनाकार का नाम: संत नामदेव।
- रचना की विधा: पद।
- पसंद की पंक्तियाँ:
हरि सरवर जन तरंग कहावे।
सेवग हरि तजि कहूं कत जावे॥
हरि तरवर जन पंघी छाया।
सेवग हरिभजि आप गवाया। - पंक्तियाँ पसंद होने का कारण: इन पंक्तियों में कवि ने ईश्वर को स्वामी, सरोवर और वृक्ष के रूप में प्रस्तुत किया है, जबकि स्वयं को लहर, पक्षी और छाया के रूप में माना है। कवि ईश्वर की भक्ति करके अपना अलग अस्तित्व मिटाकर परमात्मा में लीन होना चाहता है।
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा: कवि अपनी रचना के द्वारा भक्तों को यह प्रेरणा देता है कि ईश्वर का नाम स्मरण करने से मनुष्य को मुक्ति प्राप्त होती है, अर्थात वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। इसलिए मनुष्य को अहंकार का त्याग करके ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए।
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