Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?
विकल्प
`κ_"धातु" ">>" κ_"कुचालक" "<" κ_"अर्धचालक"`
`κ_"धातु" "<<" κ_"कुचालक" "<" κ_"अर्धचालक"`
`κ_"धातु" ≃ κ_"अर्धचालक" ">" κ_"कुचालक" = "शून्य"`
`κ_"धातु" < κ_"अर्धचालक" ">" κ_"कुचालक" ne "शून्य"`
Advertisements
उत्तर
`κ_"धातु" ">>" κ_"कुचालक" "<" κ_"अर्धचालक"`
स्पष्टीकरण -
धातु, कुचालक और अर्धचालक की चालकता को κ (कप्पा) के पद में दर्शाया जा सकता है जो कि संयोजकता बैंड और चालन बैंड के बीच ऊर्जा अंतराल पर निर्भर करता है।

धातुओं, अर्धचालकों और कुचालकों में संयोजकता और चालकता बैंड।
| मूल्यवान κ(Ω–1 m–1) | |
| धातु | 104 to 107 |
| कुचालक | 10–20 to 10–10 |
| अर्धचालक | 10–6 to 104 |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।
निम्नलिखित ठोसों का वर्गीकरण आयनिक, धात्विक, आण्विक, सहसंयोजक या अक्रिस्टलीय में कीजिए।
- टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10)
- अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4
- SiC
- I2
- P4
- प्लास्टिक
- ग्रेफाइट
- पीतल
- Rb
- LiBr
- Si
समझाइए – आयनिक ठोस कठोर एवं भंगुर होते हैं।
एक घनीय ठोस दो तत्वों P एवं Q से बना है। घन के कोनों पर Q परमाणु एवं अन्तःकेन्द्र पर P परमाणु स्थित हैं। इस यौगिक का सूत्र क्या है? P एवं Q की उपसहसंयोजन संख्या क्या है?
कॉपर fcc जालक के रूप में क्रिस्टलीकृत होता है जिसके कोर की लम्बाई 3.61 x 10-8 cm है। यह दर्शाइए कि गणना किए गए घनत्व के मान तथा मापे गए घनत्व 8.92 g cm-3 में समानता है।
फेरिक ऑक्साइड में ऑक्साइड आयन के षट्कोणीय निविड़ संकुलन में क्रिस्टलीकृत होता है जिसकी तीन अष्टफलकीय रिक्तियों में से दो पर फेरिक आयन उपस्थित होते हैं। फेरिक ऑक्साइड का सूत्र ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक ठोसों का अभिलक्षण नहीं है?
ग्रैफ़ाइट को किस रूप में वर्गीकृत नहीं कर सकते?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
अभिकथन - ग्रैफ़ाइट विद्युत् का चालक होता है जबकि हीरा कुचालक होता है।
तर्क - ग्रैफ़ाइट मुलायम होता है जबकि हीरा बहुत कठोर एवं भंगुर होता है।
