Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समझाइए – आयनिक ठोस कठोर एवं भंगुर होते हैं।
Advertisements
उत्तर
आयनिक क्रिस्टल कठोर होते हैं क्योंकि इनमें विपरीत आवेशयुक्त आयनों के मध्य प्रबल स्थिर विद्युत आकर्षण बल उपस्थित होता है। ये भंगुर होते हैं क्योंकि आयनिक बन्ध अदिशात्मक होता है।
संबंधित प्रश्न
आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।
किस प्रकार के ठोस विद्युत चालक, आघातवर्थ्य और तन्य होते हैं?
निम्नलिखित ठोसों का वर्गीकरण आयनिक, धात्विक, आण्विक, सहसंयोजक या अक्रिस्टलीय में कीजिए।
- टेट्राफॉस्फोरस डेकॉक्साइड (P4O10)
- अमोनियम फॉस्फेट (NH4)3 PO4
- SiC
- I2
- P4
- प्लास्टिक
- ग्रेफाइट
- पीतल
- Rb
- LiBr
- Si
समझाइए - धात्विक एवं आयनिक क्रिस्टलों में समानता एवं विभेद का आधार।
क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु ______ द्वारा बंधे रहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा जालक (नेटवर्क) ठोस है?
आयनिक ठोसों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
धातु के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- संयोजकता बैंड, चालन बैंड के साथ अतिव्यापित होता है।
- संयोजकता बैंड और चालन बैंड के बीच अंतराल नगण्य होता है।
- संयोजकता बैंड तथा चालन बैंड के बीच के अंतराल को निर्धारित नहीं किया जा सकता।
- संयोजकता बैंड आंशिक रूप में भी भरा हो सकता है।
निम्नलिखित में से कौन-से दोषों से घनत्व घटता है?
- अन्तराकाशी दोष
- रिक्तिका दोष
- फ्रेंकेल दोष
- शॉट्की दोष
