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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मनुष्य की सर्जनात्मक अभिव्यक्ति में सबसे अधिक समर्थ और अक्षर भाषा ही होती है। वही मानव के आंतरिक तथा बाह्य जीवन के परिष्कार का आधार है, क्योंकि बौद्धिक क्रिया तथा मनोरागों की अभिव्यक्ति तथा उनके परस्पर संबंधों को संग्रथित करने में भाषा एक स्निग्ध किंतु अटूट सूत्र का कार्य करती है। भाषा में स्वर, अर्थ, रूप, भाव तथा बोध का ऐसा समन्वय रहता है, जो मानवीय अभिव्यक्ति को व्यष्टि से समष्टि तक विस्तार देने में समर्थ है। मानव व्यक्तित्व के समान ही उसकी वाणी का निर्माण दोहरा होता है। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए: 2

(2) ‘भाषा का महत्त्व’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए 2
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उत्तर
(1)

(2) भाषा हमारे विचार और भाव व्यक्त करने का मुख्य साधन है। यह ज्ञान, संस्कृति और मानव विकास का आधार है, राष्ट्रीय एकता बनाए रखती है और लिखित रूप में लंबे समय तक सुरक्षित रहती है, इसलिए इसका अत्यधिक महत्त्व है।
