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प्रश्न
निम्न मुद्दों पर आधारित पद्य (चलो आज हम दीप जलाएँ) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [1]
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘चलो आज हम दीप जलाएँ’।
मुद्दे:
- रचनाकार का नाम - 1
- रचना की विधा - 1
- पसंदीदा पंक्तियाँ - 1
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - 1
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - 2
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
- रचनाकार का नाम - सुरेंद्रनाथ तिवारी
- रचना की विधा - कविता
- पसंदीदा पंक्ति - चलो आज हम दीप जलाएँ।
- पसंद होने का कारण - यह पंक्ति अंधकार में प्रकाश फैलाने, सकारात्मकता अपनाने और हौसले के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यह संदेश देती है कि हमें निराशा के समय भी उम्मीद और आशा का दीप जलाना चाहिए।
- कविता से प्राप्त प्रेरणा/संदेश-
- जीवन में मुश्किलें आएँ तो हार मानने की बजाय उजाले की ओर बढ़ना चाहिए।
- आशा और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
- समाज में प्रेम, सहयोग और सच्चाई के प्रकाश को फैलाने का संदेश मिलता है।
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चलो आज हम दीप जलाएँ
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कारण लिखिए :
हल्दी घाटी पर दीपक जलाने का ______
कारण लिखिए :
कारगिल के शिखरों पर दीपक जलाने का ______
जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | आ | उत्तर |
| १. राणा प्रताप | धरती | ______ |
| २. रानी लक्ष्मीबाई | कारागृह | ______ |
| ३. शिवाजी महाराज | गंगा तट | ______ |
| 4. कुँअर सिंह | रक्त | ______ |
| 5. जलियाँवाला बाग | घोड़ा | ______ |
| समाधि | ______ |
निम्न स्थान का महत्त्व दो-तीन वाक्यों में लिखिए:
जलियाँवाला बाग
निम्न स्थान का महत्त्व दो-तीन वाक्यों में लिखिए :
हल्दी घाटी
भावार्थ लिखिए :
लक्ष्मीबाई का घोड़ा था, ____________
_______________________________
_______________________________
_____________________गंगा तट पर।
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