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प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया का अपचयोपचय अभिक्रिया के रूप में औचित्य स्थापित करने का प्रयास कीजिए-
\[\ce{4BCl3(g) + 3LiAlH4(s) -> 2B2H6(g) + 3LiCl(s) + 3AlCl3(s)}\]
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
\[\ce{\overset{+3}{4B}\overset{-1}{Cl3}(g) + \overset{+1}{3Li}\overset{+3}{Al}\overset{-1}{H4}(s) -> \overset{-3}{2B2}\overset{+1}{H6}(g) + \overset{+1}{3Li}\overset{-1}{Cl}(s) + \overset{+3}{3Al}\overset{-1}{Cl3}(s)}\]
इस अभिक्रिया में, BCl3 का अपचयन हो रहा है क्योकि B की ऑक्सीकरण अवस्था +3 (BCl3 में) से घटकर -3 (B2H6 में) हो जाती है तथा LiAlH4 का ऑक्सीकरण हो रहा है क्योकि H की ऑक्सीकरण अवस्था -1 (LiAlH4 में) से बढ़कर +1 (B2H6 में) हो जाती है। अतः यह एक अपचयोपचय (redox) अभिक्रिया है।
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ऑक्सीकरण-संख्या - अपचयोपचय अभिक्रियाओं पर आधारित अनुमापन
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