हिंदी

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −कबीर की उद्धृत साखियों की भाषा की विशेषता स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कबीर की उद्धृत साखियों की भाषा की विशेषता स्पष्ट कीजिए।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

कबीर ने अपनी साखियाँ सधुक्कड़ी भाषा में लिखी है। इनकी भाषा मिलीजुली है। इनकी साखियाँ संदेश देने वाली होती हैं। वे जैसा बोलते थे वैसा ही लिखा है। लोकभाषा का भी प्रयोग हुआ है; जैसे- खायै, नेग, मुवा, जाल्या, आँगणि आदि भाषा में लयबद्धता, उपदेशात्मकता, प्रवाह, सहजता, सरलता शैली है।

shaalaa.com
साखी
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.1: साखी - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 1.1 साखी
प्रश्न-अभ्यास | Q (क) 7. | पृष्ठ ६

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
मीठी वाणी बोलने से औरों को सुख और अपने तन को शीतलता कैसे प्राप्त होती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
दीपक दिखाई देने पर अँधियारा कैसे मिट जाता है? साखी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
ईश्वर कण-कण में व्याप्त है, पर हम उसे क्यों नहीं देख पाते?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
संसार में सुखी व्यक्ति कौन है और दुखी कौन? यहाँ 'सोना' और 'जागना' किसके प्रतीक हैं? इसका प्रयोग यहाँ क्यों किया गया है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए कबीर ने क्या उपाय सुझाया है?


भाव स्पष्ट कीजिए −

बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।


भाव स्पष्ट कीजिए −

कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढै बन माँहि।


भाव स्पष्ट कीजिए−
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहि।


कस्तूरी के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


ऐसी बाँणी बोलिये’ के माध्यम से कबीर कैसी वाणी बोलने की सीख दे रहे हैं और क्यों?


मन में आपा कैसे उत्पन्न होता है? आपा खोने के लिए कबीर क्यों कह रहे हैं?


हर प्राणी में राम के बसने की तुलना किससे की गई है?


सब अँधियारा मिटि गया’ यहाँ किस अँधियारे की ओर संकेत किया गया है? यह अँधियारा कैसे दूर हुआ?


राम वियोगी की दशा कैसी हो जाती है? स्पष्ट कीजिए।


निंदक के बारे में कबीर की राय समाज से पूरी तरह भिन्न थी। स्पष्ट कीजिए।


कबीर की साखियाँ जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इनमें जिन जीवन-मूल्यों की झलक मिलती है, उनका उल्लेख कीजिए।


कबीर के अनुसार मीठी बोली का क्या प्रभाव होता है?

  1. हमारा शरीर शीतल होता है।
  2. बोली में अहं का भाव आता है।
  3. हमारा काम सरलतापूर्वक हो जाता है।
  4. सुनने वाले को सुखानुभूति होती है।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×