Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
पापी ने मंदिर में घुसकर
किया अनर्थ बड़ा भारी
Advertisements
उत्तर
मंदिर में आए लोगों ने जब सुखिया के पिता को मंदिर में देखा, तो उन्हें बड़ा गुस्सा आया। लोगों को मंदिर में एक अछूत का आना पसंद नहीं आया। वे एक अछूत का मंदिर में इस प्रकार चले आने को अनर्थ मानने लगे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
जीवन संघर्षमय है, इससे घबराकर थमना नहीं चाहिए’ इससे संबंधित अन्य कवियों की कविताओं को एकत्र कर एक एलबम बनाइए।
‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।
सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।
तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?
महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी?
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
चारों छंदों में कवि ने आदमी के सकारात्मक और नकारात्मक रूपों को परस्पर किन-किन रूपों में रखा है? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।
‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
‘आदमी नामा’ पाठ के आधार पर आदमी के उस रूप का वर्णन कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया?
‘रैदास’ ने अपने स्वामी को किन-किन नामों से पुकारा है?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।
