हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ इस कथन की सार्थकता स्‍पष्‍ट कीजिए ।

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प्रश्न

‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ इस कथन की सार्थकता स्‍पष्‍ट कीजिए ।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' अर्थात मातृभाषा ही सभी प्रकार की उन्नति का मुख्य आधार है। निज भाषा की उन्नति के बिना संपूर्ण विकास संभव नहीं है। बच्चे के जन्म के बाद उसका घर ही उसकी पहली पाठशाला होती है। भारतेंदु जी का यह कथन एकदम सही है कि अपनी भाषाकी उन्नति के बिना हर प्रकार की उन्नति महत्त्वहीन है। जहाँ अपने परिवार, समाज व देश के विकास में सहयोग करता है। हमें देश-विदेश के साहित्य का, कलाओं का जितना संभव हो, ज्ञान प्राप्त करना चाहिए, अन्य भाषाओं से ज्ञान प्राप्त कर उससे स्वयं को ज्ञानी बनाया जा सकता है, यह सब अपनी भाषा के ज्ञान से संभव होता है। व्यक्ति अन्य भाषा के ज्ञान को प्राप्त कर अपना ज्ञान तो बढ़ा सकता है। ज्ञान का प्रसार निज अर्थात अपनी भाषा में करना ही उचित होगा।

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व्याकरण
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अध्याय 1.3: निज भाषा - स्वाध्याय [पृष्ठ ८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 निज भाषा
स्वाध्याय | Q १ | पृष्ठ ८

संबंधित प्रश्न

निम्‍न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :

‘ ’


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

व्यक्‍ति


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

नाखून


शालेय बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अपने विद्‍यालय के प्राचार्य से विद्‌यार्थी प्रतिनिधि के नाते अनुमति माँगते हुए निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो:

दिनांक:
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______

महोदय,
विषय विवेचन

                    ______________________________

                    ______________________________

                    ______________________________

आपका/आपकी आज्ञाकारी,
______________________________
(विद्‍यार्थी प्रतिनिधि)
कक्षा : ______


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

गर्मियों में सारी धरती शुष्क हो जाती है।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए


रेखांकित वाक्‍यांश के स्‍थान पर उचित मुहावरा लिखिए:

रुग्‍ण शय्या पर पड़ी माता जी को देखकर मोहन का धीरज धीर-धीरे समाप्त हो रहा था।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

उसने प्राण की बाजी लगा दी।


निम्‍न वाक्‍यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए अन्य वाक्‍य बनाइए:



निम्‍न में से संज्ञा तथा विशेषण पहचानकर भेदों सहित लिखिए तथा अन्य पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए वाक्‍य बनाइए :


दिए गए अनुसार रचना की दृष्‍टि से सरल, संयुक्‍त, मिश्र अन्य वाक्‍य पाठ से खोजकर तालिका पूर्ण कीजिए:


अर्थ की दृष्‍टि से वाक्‍य परिवर्तित करके लिखिए :

सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________

__________________


चित्र देखकर संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया इन शब्द के भेदों के आधार पर उचित वाक्य बनाओ और तालिका में शब्द लिखाे:

 

संज्ञा शब्द सर्वनाम शब्द विशेषण शब्द क्रिया शब्द
       
       
       

किन्हीं पॉंच मुहावरों/कहावतों के सांकेतिक चित्र बनाओ: 

जैसे - 

 = घर की मुर्गी दाल बराबर।

= नौ दो ग्यारह होना।


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।


पढ़ो :

आधे होकर जुड़ें हम 

मक्खी  सिक्का 
रफ़्तार  डॉक्टर 
शगुफ्ता  मुजफ्फर

ज़रूरत-भर जीरा वहाँ से ले लिया कि फिर सारा चौक उनके लिए आसानी से नहीं के बराबर हो जाता है- भगत जी की इस संतुष्ट निस्पृहता की कबीर की इस सूक्ति से तुलना कीजिए-
चाह गई चिंता गई मनुआँ बेपरवाह
जाके कछु न चाहिए सोइ सहंसाह।
-कबीर

नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-

(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।

(ख) लोग संयमी भी होते हैं।

(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।

ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-

मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)

आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  पर्ण      

अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

कल मैंने उसका साथ करा था।


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह  शब्द  विलोम
दुः + भाग्य   ×

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दंत + ओष्ठ  

पाठ (गोदान) में प्रयुक्‍त मुहावरे ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए तथा वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

गर्मी के कारण बेचैनी हो रही है।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

गेहूँ गीला होना


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
;    

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