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प्रश्न
नीचे दिए गए प्रश्न पर चर्चा कीजिए और उसका उत्तर लिखिए-
‘हृदयँ न हरषु बिषादु कछु बोले श्रीरघुबीरु ।’ श्री राम के हृदय में न हर्ष था, न विषाद। यह उनके व्यक्तित्व के किन गुणों को दर्शाता है? उनका भावनात्मक संतुलन इस पूरे पाठ में उन्हें अन्य पात्रों से अलग कैसे स्थापित करता है?
लघु उत्तरीय
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उत्तर
लोग सामान्यतः शुभ समाचार मिलने पर प्रसन्न होते हैं और अशुभ समाचार मिलने पर दुखी हो जाते हैं। वे प्रायः भावनाओं के प्रभाव में जीते हैं और शांत रहकर परिस्थितियों को समझ नहीं पाते। इसके विपरीत श्रीराम सुख और दुःख दोनों से ऊपर रहते हैं। वे किसी भी स्थिति से प्रभावित हुए बिना शांत मन से समाधान निकालते हैं। यह मार्ग अत्यंत कठिन होता है और इसके लिए गहरे संतुलन की आवश्यकता होती है। यही संतुलन श्रीराम को अन्य पात्रों से अलग और विशिष्ट बनाता है।
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