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निचे दिए गए चित्र में दो प्रतिरोधों की तुलना के लिए विभवमापी परिपथ दर्शाता है। मानक प्रतिरोधक R = 10.0 Ω के साथ सन्तुलन बिन्दु 58.3 cm - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

निचे दिए गए चित्र में दो प्रतिरोधों की तुलना के लिए विभवमापी परिपथ दर्शाता है। मानक प्रतिरोधक R = 10.0 Ω के साथ सन्तुलन बिन्दु 58.3 cm पर तथा अज्ञात प्रतिरोध X के साथ 68.5 cm पर प्राप्त होता है। X का मान ज्ञात कीजिए। यदि आप दिए गए सेल E से सन्तुलन बिन्दु प्राप्त करने में असफल रहते हैं तो आप क्या करेंगे?

संख्यात्मक
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उत्तर

कुँजियों K1 तथा K2 को क्रमशः बन्द करके विभवमापी के तार पर सन्तुलन बिन्दु प्राप्त करने पर यदि संगत सन्तुलन लम्बाई क्रमशः l1 तथा l2 हो, तो R के सिरों का विभवान्तर = Kl1 = RI

तथा X के सिरों का विभवान्तर = Kl2 = XI

जहाँ I = विभवमापी के तार में धारा

तथा K = इसकी विभव प्रवणता

अतः `"Kl"_1/"Kl"_2 = "RI"/"XI" => "R"/"X" = l_1/l_2`

`therefore "X" = "R"(l_2/l_1)`

यहाँ R = 10.0 Ω, l1 = 58.3 सेमी तथा l2 = 68.5 सेमी

अतः X = 10.0 ओम `[(68.5  "सेमी")/(58.3 " सेमी")]`

= 11.75 ओम

यदि सन्तुलन बिन्दु प्राप्त नहीं होता है तो इसका अर्थ है कि R या X के सिरों के बीच विभवान्तर विभवमापी के तार AB के सिरों के बीच विभवान्तर से अधिक है। ऐसी स्थिति में बाह्य परिपथ में धारा का मान कम करने के लिए श्रेणीक्रम में एक उचित प्रतिरोध जोड़ना होगा जो बिन्दु C व D के बीच जोड़ा जाएगा।

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धात्विक चालक में विद्युत आवेशों का प्रवाह
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अध्याय 3: विद्युत धारा - अभ्यास [पृष्ठ १३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 3 विद्युत धारा
अभ्यास | Q 3.23 | पृष्ठ १३१
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