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नीचे दी गई सूची को ध्यान से देखिए। इस सूची में रैदास के दोनों पदों से कुछ विशेषताएँ चुनकर दी गई हैं। पदों में से चुनकर इन विशेषताओं को दर्शाती पंक्तियाँ लिखिए।

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प्रश्न

नीचे दी गई सूची को ध्यान से देखिए। इस सूची में रैदास के दोनों पदों से कुछ विशेषताएँ चुनकर दी गई हैं। पदों में से चुनकर इन विशेषताओं को दर्शाती पंक्तियाँ लिखिए। उदाहरण के लिए पहली विशेषता के सामने पंक्ति दी गई है।

विशेषताएँ उदाहरण

अनन्‍य भक्‍त‍ि भाव

“जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ, तुम सौ तोरि कवन सौं जोरौ।”
सरल और लोकधर्मी भाषा  
उपमा और तलुना  
लयात्मकता और गेयता/ध्वन्यात्मकता  
दृढ़ निष्ठा और आस्था  
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उत्तर

विशेषताएँ उदाहरण

अनन्‍य भक्‍त‍ि भाव

“जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ, तुम सौ तोरि कवन सौं जोरौ।”
सरल और लोकधर्मी भाषा प्रभु जी! तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी।
उपमा और तलुना प्रभु जी तुम घन बन, हम मोरा। जैसे चितवत चंद चकोरा। यहाँ मोर और चकोर उपमान हैं। कवि की भक्ति उपमेय है। ‘सा’ वाचक शब्द और ‘समान धर्म’ लुप्त है। अतः यहाँ उपमा अलंकार है।
लयात्मकता और गेयता/ध्वन्यात्मकता प्रभु जी तुम मोती, हम धागा। जैसे सोने मिलत सुहागा।
दृढ़ निष्ठा और आस्था जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ। तुम सौ तोरि कवन सौं जोरौ।
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अध्याय 8: पद - अभ्यास [पृष्ठ १४९]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
अध्याय 8 पद
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १४९
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