हिंदी

नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। उनमें यदि कोई पक्षी एक से अधिक रंग का है तो लिखो, कि उसके किस हिस्से का रंग कैसा है। जैसे तोते की चोंच लाल है, शरीर हरा है। मैना कौआ बैतखे कबूतर - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। उनमें यदि कोई पक्षी एक से अधिक रंग का है तो लिखो, कि उसके किस हिस्से का रंग कैसा है। जैसे तोते की चोंच लाल है, शरीर हरा है।

  1. मैना
  2. कौआ
  3. बैतखे
  4. कबूतर
टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

  1. मैना- मैना के पंख भूरे व सफ़ेद रंग के होते हैं। उनकी टाँगें हलकी लाल होती हैं।
  2. कौआ- कौआ का पूरा शरीर काला होता है।
  3. बतख- बतख सफ़ेद रंग का होता है। इसके पैर हल्के गुलाबी रंग के होते हैं।
  4. कबूतर- कबूतर का रंग स्लेटी सफ़ेद होता है। गरदन कुछ-कुछ नीले रंग की होती है। इसकी टाँगे लाल होती हैं।
shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: वह चिड़िया जो - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ ३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 1 वह चिड़िया जो
अनुमान और कल्पना | Q 2 | पृष्ठ ३

संबंधित प्रश्न

इस कविता के आधार पर बताओ कि चिड़िया को किन-किन चीज़ों से प्यार है?


बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को पसंद है-


चिड़िया के पंख किस रंग के हैं?


चिड़िया का स्वभाव कैसा है?


चिड़िया किससे प्यार करती है और क्यों?


चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?


  • गोल-मटोल
  • गोरा-चिट्ठा

कविता में आए शब्दों के इन जोड़ों में अंतर यह है कि चिट्ठा का अर्थ सफ़ेद है और गोरा से मिलता-जुलता है जबकि मटोल अपने-आप में कोई शब्द नहीं है। यह शब्द 'मोटा' से बना है।

ऐसे चार-चार शब्द युग्म सोचकर लिखो और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।


  • पृथ्वी के चारों ओर परिभ्रमण करते हुए चंद्रमा भी पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य का परिभ्रमण करता है। इन्हीं दोनों परिभ्रमणों से वर्ष और मास की गणनाएँ होती हैं। सामान्यतः तीस दिनों के महीने होते हैं जिन्हें चन्द्रमा की वार्षिक गति को बारह महीनों में विभाजित करके निर्धारित किया जाता है। तीस दिनों में पंद्रह-पंद्रह दिनों के दो पक्ष होते हैं। जिन पन्द्रह दिनों में चंद्रमा बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा तक पहुँचता है, उसे शुक्लपक्ष और जिन पंद्रह दिनों में चंद्रमा घटते-घटते अमावस्या तक जाता है, उसे कृष्णपक्ष कहते हैं। इसी तरह एक वर्ष के बारह महीनों में छह-छह माह के दो अयन होते हैं। जिन छह महीनों में मौसम का तापमान बढ़ता है, उसे उत्तरायण और जिन छह महीनों में मौसम का तापमान घटता है, उसे दक्षिणायन कहते हैं। संवत् के बारह महीनों के नाम इस प्रकार हैं-चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
  • अंग्रेजी कैलेंडर की वार्षिक गणना सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण की अवधि के अनुसार तीन सौ पैंसठ दिनों की होती है। इसके महीनों की गणना पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा के परिभ्रमण पर आधारित नहीं है। इसमें वर्ष के तीन सौ पैंसठ दिनों को ही बारह महीनों में विभाजित किया गया है। इस कैलेंडर के सभी महीने तीस-तीस दिन के नहीं होते। अप्रैल, नवंबर, जून, सितंबर-इनके हैं दिन तीस। फरवरी है अट्ठाइस दिन की, बाकी सब इकत्तीस।
  • नीचे दो प्रकार के कैलेंडर दिए गए हैं। इन्हें देखो और प्रश्नों के उत्तर दो।

(क) ऊपर दिए गए कैलेंडरों में से किस कैलेंडर में चंद्रमा के अनुसार महीने के दिन दिए गए हैं?
(ख) दिए गए दोनों कैलेंडरों के अंतर स्पष्ट करो।
(ग) कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का क्या अर्थ होता है?


बहुवैकल्पिक प्रश्न

चाँद को कैसी बीमारी है?


यह ‘मरज़’ आपको अच्छा ही नहीं होने में आता है, का आशय स्पष्ट कीजिए।


चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित कमला शर्मा द्वारा लिखित उपन्यास ‘अपराजिता’।


बहुविकल्पीय प्रश्न
कवयित्री ने झाँसी की रानी की कथा किसके मुँह से सुनी थी?


ब्रिटिश सरकार ने झाँसी के दुर्ग पर झंडा क्यों फहराया?


भारतीयों ने अंग्रेजों को दूर करने का निश्चय क्यों किया था?


बचपन सुहाना क्यों होता है?


वन गमन के समय सीता ने राम से क्या पूछा?


पर्नकुटी किस चीज़ से बनती है?


सीता जी बेचैन होकर श्रीराम से क्या बातें कही?


पाठ के आधार पर वन के मार्ग का वर्णन अपने शब्दों में करो।


लखि – देखकर
धरि – रखकर
पोंछि – पोंछकर
जानि – जानकर
ऊपर लिखे शब्दों और उनके अर्थों को ध्यान से देखो। हिन्दी में जिस उद्देश्य | के लिए हम क्रिया में ‘कर’ जोड़ते हैं, उसी के लिए अवधी में क्रिया में ि (इ) को जोड़ा जाता है, जैसे-अवधी में बैठ + ि = बैठि और हिंदी में बैठ + कर = बैठकर। तुम्हारी भाषा या बोली में क्या होता है? अपनी भाषा के लिए छह शब्द लिखो। उन्हें ध्यान से देखो और कक्षा में सुनाओ।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×