हिंदी

मैंने समझा बेटी युग कविता से

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मैंने समझा बेटी युग कविता से 

लघु उत्तरीय
Advertisements

उत्तर

आज के आधुनिक युग में भी अधिकतर परिवारों में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव किया जाता है। यह सत्य है कि संसार केवल पुरुषों से ही नहीं बना है। सृष्टि के हर पड़ाव पर स्त्रियों ने भी माँ, बेटी, बहन, चाची, मौसी, मामी, दादी, नानी आदि के रूप में अपना निरंतर योगदान दिया है। इस कविता के माध्यम से कवि बेटियों को उनकी शिक्षा, उनके महत्त्व, उनकी आत्मनिर्भरता और प्रगति के बारे में आश्वस्त करते हुए उनके लिए समान अधिकारों की माँग का आवाहन करता है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.02: बेटी युग - मैंने समझा [पृष्ठ २९]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 2.02 बेटी युग
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ २९

संबंधित प्रश्न

निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दो। 



।।श्रद्‌धा और विज्ञान, जीवन के दो पक्ष महान।।


त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।


मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से 


।। कथनी मीठी खाँड़-सी ।।


भारतीय मूल की किसी महिला अंतरिक्ष यात्री संबंधी जानकारी पढ़ो तथा विश्व के अंतरिक्ष यात्रियों के नाम बताओ।


यदि प्रकृति में सुंदर - सुंदर रंग नहीं होते तो ..........


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


तुम अपनी छोटी बहन/छोटे भाई के लिए क्या करते हो?


मॉं को एक दिन की छुट्‌टी दी जाए तो क्या होगा ?


थर्मामीटर में किस धातु का प्रयोग होता है, बताओ।


उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की कोई एक कहानी पढ़ो। उसका विषय बताओ।


क्रमानुसार भारत के राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम लिखो।


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :


घर में अतिथि के आगमन पर आपको कैसा लगता है, बताइए।


बढ़ता हुआ प्रदूषण और उसकी रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपाय लिखिए ।


मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:

एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।


निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×