Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मैंने समझा बेटी युग कविता से
Advertisements
उत्तर
आज के आधुनिक युग में भी अधिकतर परिवारों में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव किया जाता है। यह सत्य है कि संसार केवल पुरुषों से ही नहीं बना है। सृष्टि के हर पड़ाव पर स्त्रियों ने भी माँ, बेटी, बहन, चाची, मौसी, मामी, दादी, नानी आदि के रूप में अपना निरंतर योगदान दिया है। इस कविता के माध्यम से कवि बेटियों को उनकी शिक्षा, उनके महत्त्व, उनकी आत्मनिर्भरता और प्रगति के बारे में आश्वस्त करते हुए उनके लिए समान अधिकारों की माँग का आवाहन करता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अपने घर की छत से पूर्णिमा की रात देखिए तथा उसके सौंदर्य को अपनी कलम से शब्दबद्ध कीजिए।
मैंने समझा वारिस कौन? पाठ से
मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से
मैंने समझा पूर्ण विश्राम पाठ से
।। वृक्षवल्ली आम्हां सोयरे वनचरे।।

।। जीवन चलता ही रहता।।
पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर के कार्य पढ़ो और प्रमुख मुद्दे बताओ।
भारतीय मूल की किसी महिला अंतरिक्ष यात्री संबंधी जानकारी पढ़ो तथा विश्व के अंतरिक्ष यात्रियों के नाम बताओ।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।
यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........
तुम अपनी छोटी बहन/छोटे भाई के लिए क्या करते हो?
अंकुरित अनाजों की सूची बनाओ और उपयोग लिखो।
पढ़ाई का नियोजन करते हुए अपनी दिनचर्या लिखो।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-
परीक्षा तनाव के कारण व इसे रोकने के उपाये
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का समाज पर प्रभाव
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
पहले अपने गली-मोहल्ले की दुकानों से खरीदारी की जाती थी। पर अब 'ऑनलाइन' खरीदारी का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इस परिवर्तन का समाज पर क्या प्रभाव पड़ रहा हैं? समझाकर लिखिए।
