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प्रश्न
मानसिक रोगियों के पुनः स्थापन के लिए कौन सी तकनीकों का उपयोग किया जाता है?
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उत्तर
मनोवैज्ञनिक विकारो के उपचार के दो घटक होते है, अर्थत लक्षणो में कमी आना तथा क्रियाशीलता के स्तर में सुधर लाना। मनोविदलता जैसी गंभीर मानसिक विकारो के लक्षणो में कमी आना जीवन की गुद्वता में सुधर से संबंधित नहीं हो सकता है। कई रोगी नकारात्मक लक्षणो से ग्रसित होते है, जैसे - काम करते - करते दूसरे लोगो के साथ में अभिरुचि तथा अभिप्रेरणा का आभाव। इस तरह के रोगियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पुनः स्थापना की आवश्यकता होती है पुनः स्थापना का उद्देश्य रोगी को सशक्त बनाना होता है। जिससे जितना संभव हो सके वह समाज का एक उत्पादक सदस्य बने। पुनः स्थापना में रोगियों का व्यवसायिक चिकित्सा, सामाजिक कौशल प्रशीक्षन तथा व्यवसायिक प्रशिक्षन दिया जाता है। व्यवसायिक चिकित्सा में रोगियों को मोमबत्ती बनाना कागज की बनाना और कपडा बुनना सिखाया जाता है जिससे वे एक कार्य अनुशासन बना सके। भूमिका निर्वाह अनुकरण और अनुदेश, के माध्यम से रोगियों को सामाजिक कौशल प्रशिक्षन दिया जाता है जिससे की वे अतः व्यक्ति कौशल विकशित प्ररकार्यो से सुधार लाने वे लिए दिया जाता है। जब रोगी में पर्याप्त सुधार आ जाता है तो उसे व्यवसायिक प्रशिक्षन दिया जाता है जिसमे उत्पादक रोजगार प्रारंभ करने के लिए आवश्यकता कौशलो के अर्जन में उसकी मदद की जाती है।
