Advertisements
Advertisements
प्रश्न
माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' क्यों लग रही थी?
Advertisements
उत्तर
माँ और बेटी का सम्बन्ध मित्रतापूर्ण होता है। इनका सम्बन्ध सभी सम्बन्धों से अधिक आत्मीय होता है। माँ, बेटी के साथ अपना सुख-दु:ख बाँट लेती है। बेटी उसके खुशियों तथा उसके कष्टों का एकमात्र सहारा होती है। बेटी के चले जाने के पश्चात् माँ के जीवन में खालीपन आ जाएगा। वह बचपन से अपनी पुत्री को सँभालकर उसका पालन-पोषण एक मूल्यवान सम्पत्ति की तरह करती है। इसलिए माँ को उसकी बेटी अंतिम पूँजी लगती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आपके विचार से माँ ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी मत दिखाई देना?
'पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की
कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की'
इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभरकर आ रही है उसे शब्दबद्ध कीजिए।
माँ ने बेटी को क्या-क्या सीख दी?
आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है?
वैवाहिक संस्कार में कन्यादान खुशी का अवसर माना जाता है, पर यहाँ माँ दुखी क्यों थी?
लड़की की माँ की चिंता के क्या कारण थे?
कुछ तुकों और लयबद्ध पंक्तियों के आधार पर कन्या की मनोदशा स्पष्ट कीजिए।
‘आग रोटियाँ सेंकने के लिए है जलने के लिए नहीं’ कहकर कवयित्री ने समाज पर क्या व्यंग्य किया है?
‘कन्यादान’ कविता में नारी सुलभ किन कमजोरियों की ओर संकेत किया गया है?
‘कन्यादान’ कविता का प्रतिपाद्य लिखिए।
इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कोरी भावुकता न होकर जीवन में संचित किए अनुभवों की अनिवार्य सीख है? कविता के नाम के साथ कथन की पुष्टि के लिए उपयुक्त तर्क भी प्रस्तुत कीजिए।
इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको प्रभावित करती हैं और क्यों? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
‘कन्यादान’ कविता में शाब्दिक भ्रम किसे और क्यों कहा गया है?
‘कन्यादान’ कविता में माँ की परंपरागत छवि से हटकर नए दृष्टिकोण से विचार किया गया है। उसमें नया क्या है? आप उन विचारों से कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?
‘आग’ के विषय में माँ बेटी को क्या समझा रही है और क्यों? ‘आग’ के संकेत से कविता किस सामाजिक बुराई की ओर भी इशारा करती है? उल्लेख कीजिए।
