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बहुविकल्पी प्रश्न लोकगीतों की भाषा कैसी होती है?

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बहुविकल्पी प्रश्न

लोकगीतों की भाषा कैसी होती है?

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आम बोलचाल

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गद्य (Prose) (Class 6)
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अध्याय 14: लोकगीत - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 14 लोकगीत
अतिरिक्त प्रश्न | Q 2

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“नगर में बड़ा समारोह आयोजित किया गया। धूमधाम से।” (पृष्ठ-3)
‘एक दिन ऐसी ही चर्चा चल रही थी। गहन मंत्रणा’। (पृष्ठ-4)
‘पाँच दिन तक सब ठीक-ठाक चलता रहा। शांति से निर्विघ्न।’ (पृष्ठ-10)
रामकथा की इन पंक्तियों में कुछ वाक्य केवल एक या दो शब्दों के हैं। ऐसा लेखक ने किसी बात पर बल देने के लिए, उसे प्रभावशाली बनाने के लिए या नाटकीय बनाने के लिए किया है। ऐसे कुछ और उदाहरण पुस्तक से छाँटो और देखो कि इन एक-दो शब्दों के वाक्य को पिछले वाक्य में जोड़कर लिखने से बात के असर में क्या फर्क पड़ता है। उदाहरण के लिए-
‘पाँच दिन तक सब शांति से निर्विघ्न और ठीक-ठाक चलता रहा।


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उन दिनों के शिमला के विषय में जानने का प्रयास करो।


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छोटू ने चारों तरफ़ नज़र दौड़ाई
छोटू ने चारों तरफ़ देखा

  • उपर्युक्त वाक्यों में समानता होते हुए भी अंतर है। मुहावरे वाक्यों को विशिष्ट अर्थ देते हैं। ऐसा ही मुहावरा पहली पंक्ति में दिखाई देता है। नीचे दिए गए वाक्यांशों में नज़र के साथ अलग-अलग क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, जिनसे मुहावरे बने हैं। इनके प्रयोग से वाक्य बनाओ
नज़र पड़ना नज़र रखना
नज़र आना नज़रें नीची होना

कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

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  1. इस तसवीर में तुम्हारी पहली नज़र कहाँ जाती है?
  2. गली में क्या-क्या चीजें हैं?
  3. इस गली में हमें कौन-कौन सी आवाजें सुनाई देती होंगी?
    सुबह के वक्त दोपहर के वक्त
    शाम के वक्त रात के वक्त
  4. अलग-अलग समय में ये गली कैसे बदलती होगी?
  5. ये तारें गली को कहाँ-कहाँ जोड़ती होंगी?
  6. साइकिलवाला कहाँ से आकर कहाँ जा रहा होगा?

एन.सी.ई.आर.टी. का श्रव्य कार्यक्रम ‘पत्थर और पानी की कहानी’।


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नीचे लिखे गए शब्द पाठ से लिए गए हैं। इन्हें पाठ में खोजकर बताओ कि ये स्त्रीलिंग हैं या पुल्लिंग।

  • कालिख
  • भराई
  • चक्की
  • रोशनी
  • सेवा
  • पतीला

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