हिंदी

यह कहानी जमीन के अंदर की जिंदगी का पता देती है। जमीन के ऊपर मंगल ग्रह पर सब कुछ कैसा होगा, इसकी कल्पना करो और लिखो? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यह कहानी जमीन के अंदर की जिंदगी का पता देती है। जमीन के ऊपर मंगल ग्रह पर सब कुछ कैसा होगा, इसकी कल्पना करो और लिखो?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

जैसा कि छोटू के पिता ने उसे बताया था, पहले उनके पूर्वज जमीन के ऊपर ही रहा करते थे। उनका जीवन वहाँ सामान्य था। बिना किसी प्रकार के यंत्र की सहायता के वे वहाँ रहा करते थे। इतना ही नहीं वहाँ पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और अन्य जीव भी रहा करते थे। छोटू के पिता की इन बातों से लगता है कि मंगल ग्रह पर धरती के ऊपर का जीवन सामान्य रही होगा। ठीक वैसे ही, जैसे हम पृथ्वी पर रहते हैं। परंतु वातावरण में परिवर्तन आने के बाद से सब कुछ बदल गया। पेड़ पौधे और पशु पक्षी नष्ट हो गए। ठंड इतनी ज्यादा बढ़ गई कि आम लोगों का वहाँ रहना मुश्किल हो गया। लोगों ने यंत्रों की सहायता से जमीन के नीचे घर बना लिए। अब तो बिना स्पेस सूट और खास जूतों के मंगल की धरती पर चलना-फिरना और साँस लेना भी। मुश्किल है। एक सामान्य व्यक्ति के लिए वहाँ के परिवेश में रह पाना असंभव है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: पार नज़र के - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 6 पार नज़र के
अनुमान और कल्पना | Q 1 | पृष्ठ ४१

संबंधित प्रश्न

मान लो कि तुम्हारे स्कूल में रामकथा को नाटक के रूप में खेलने की तैयारी चल रही है।

तुम इस नाटक में उसी पात्र की भूमिका निभाना चाहते हो जो तुम्हें सबसे ज़्यादा अच्छी, दिलचस्प या आकर्षक लगती है। वह पात्र कौन सा है और क्यों?


बहुविकल्पीय प्रश्न:

हर शनिवार लेखिका को क्या पीना पड़ता था?


उम्र बढ़ने के साथ-साथ लेखिका के पहनावे में क्या-क्या बदलाव हुए हैं? पाठ से मालूम करके लिखिए।


गर्मियों या सर्दियों में जब तुम्हारी लंबी छुटियाँ होती हैं, तो तुम्हारा दिन कैसे बीतता है? अपनी बुआ या किसी और को एक पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र लिखकर बताओ।


पुराने ज़माने के लोग यह क्यों सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी? अनुमान लगाओ और बताओ।


बहुविकल्पीय प्रश्न

स्थायी भाषा कौन-सी है?


आज हज़ारों पुस्तकें और समाचार-पत्र छपने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ?


छोटू ने चारों तरफ़ नज़र दौड़ाई
छोटू ने चारों तरफ़ देखा

  • उपर्युक्त वाक्यों में समानता होते हुए भी अंतर है। मुहावरे वाक्यों को विशिष्ट अर्थ देते हैं। ऐसा ही मुहावरा पहली पंक्ति में दिखाई देता है। नीचे दिए गए वाक्यांशों में नज़र के साथ अलग-अलग क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, जिनसे मुहावरे बने हैं। इनके प्रयोग से वाक्य बनाओ
नज़र पड़ना नज़र रखना
नज़र आना नज़रें नीची होना

इस गीत का आशय क्या है?


पाठ में आए वाक्य ‘लोचा-लोचा फिरे है, के बदले ढीला-ढाला हो गया है या बहुत कमज़ोर हो गया है-लिखा जा सकता है लेकिन, लेखक ने संवाद में विशेषता लाने के लिए बोलियों के रंग-ढंग का उपयोग किया है। इस पाठ में इस तरह की अन्य पंक्तियाँ भी हैं; जैसे-
इत्ती नई-नई बीमारियाँ निकली हैं,
राम मारी बीमारियों ने तंग कर दिया,
तेरे पेट में तो बड़ी दाढ़ी है।
अनुमान लगाओ, इन पंक्तियों को दूसरे ढंग से कैसे लिखा जा सकता है।


मान लो कि तुम मोहन की तबीयत पूछने जाते हो। तुम अपने और मोहन के बीच की बातचीत को संवाद के रूप में लिखो।


लेखिका को किस काम से खुशी मिलती है?

मनुष्य का स्वभाव क्या है?

'जिन लोगों के पास आँखें हैं, वे सचमुच बहुत कम देखते हैं' -  हेलेन केलर को ऐसा क्यों लगता था?


पत्थर अपनी कहानी हमें कैसे बताते हैं?


बहुविकल्पीय प्रश्न

भारत में बाँस किस प्रांत में अधिक पाया जाता है?


हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?


‘लोक’ शब्द में कुछ जोड़कर जितने शब्द तुम्हें सूझे, उनकी सूची बनाओ। इन शब्दों को ध्यान से देखो और समझो कि उनमें अर्थ की दृष्टि से क्या समानता है। इन शब्दों से वाक्य भी बनाओ, जैसे-लोककला।


पाठ में बताया गया है कि गांधी जी और उनके साथी आश्रम में रहते थे। घर और स्कूल के छात्रावास से गांधी जी का आश्रम किस तरह अलग था? कुछ वाक्यों में लिखो।


तुमने कपड़ों को सिलते हुए देखा होगा। नीचे इस काम से जुड़े हुए कुछ शब्द दिए गए हैं। आसपास के बड़ों से या दरजी से इन शब्दों के बारे में पूछो और इन शब्दों को कुछ वाक्यों में समझाओ।

  • तुरपाई
  • बखिया
  • कच्ची सिलाई
  • चोर सिलाई

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×