हिंदी

लेखिका को देखकर नीलकंठ अपनी प्रसन्नता कैसे प्रकट करता?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लेखिका को देखकर नीलकंठ अपनी प्रसन्नता कैसे प्रकट करता?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

लेखिका को देखकर नीलकंठ उनके सामने मंडलाकार रूप में अपने पंख फैलाकार खड़ा होकर अपनी प्रसन्नता प्रकट करता था।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 15: नीलकंठ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 15 नीलकंठ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 13

संबंधित प्रश्न

नहाकर लौटने पर दादी माँ लेखक के लिए क्या लेकर आई थी?


दादी माँ ने अपने वंश की अंतिम निशानी सोने का कंगन अपने बेटे को क्यों दिया?


बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित में से किस नदी का नाम पाठ में नहीं आया है?


मुरलीवाला देखने में कैसा था? लोगों ने उसके बारे में क्या अंदाजा लगाया?


बहुविकल्पी प्रश्न

आश्रम में कितने रसोईघर बनाने का लेखा-जोखा था?


बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

दिव्या अनिल के साथ अस्पताल क्यों गई?


धनराज ने कृत्रिम घास पर सबसे पहले हॉकी कब खेली?


महाभारत में एक ही व्यक्ति के एक से अधिक नाम दिए गए हैं। बताओ, नीचे लिखे हुए नाम किसके हैं?

पृथा राधेय वासुदेव
गांगेय सैरंध्री कंक

मंजरी को कनक क्यों नहीं भाती थी?


रोबोट ऐसे कौन-कौन से काम कर सकता है जो मनुष्य नहीं कर सकता?


पाठ के आधार पर बताओ कि राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था?


विश्वेश्वरैया अपने मन में उठे सवालों का जवाब अपने अध्यापकों और बड़ों से जानने की कोशिश करते थे। क्या तुम अध्यापकों से पाठ्य पुस्तकों के सवालों के अतिरिक्त भी कुछ सवाल पूछते हो? कुछ सवालों को लिखो जो तुमने अपने अध्यापकों से पूछे हों।


इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।

उसने एक जल-प्रपात का रुप धारण कर लिया।


नीचे दी गई जगह में रंगोली का कोई डिज़ायन बनाओ।

 

आपके माता-पिता के जमाने से लेकर अब तक फेरी की आवाज़ों में कैसा बदलाव आया है? बड़ों से पूछकर लिखिए।


क्या आपको लगता है कि-वक्त के साथ फेरी के स्वर कम हुए हैं? कारण लिखिए।


'इस आनंदोत्सव की रागिनी में बेमेल स्वर कैसे बज उठा'-वाक्य किस घटना की ओर संकेत कर रहा है?


बहुविकल्पी प्रश्न

धनराज कितने कक्षा तक पढ़ाई की?


विस्मयाभिभूत शब्द विस्मय और अभिभूत दो शब्दों के योग से बना है। इसमें विस्मय के य के साथ अभिभूत के अ के मिलने से या हो गया है। अ आदि वर्ण है। ये सभी वर्ण ध्वनियों में व्याप्त हैं। व्यंजन वर्गों में इसके योग को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जैसे क + अ = क इत्यादि। अ की मात्रा के चिह्न (ा) से आप परिचित हैं। अ की भाँति किसी शब्द में आ के भी जुड़ने से अकार की मात्रा ही लगती है, जैसे-मंडल + आकार = मंडलाकार। मंडल और आकार की संधि करने पर (जोड़ने पर) मंडलाकार शब्द बनता है और मंडलाकार शब्द का विग्रह करने पर (तोड़ने पर) मंडल और आकार दोनों अलग होते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के संधि-विग्रह कीजिए

संधिविग्रह

नील + आभ = ______ सिंहासन = ______

नव + आगंतुक = ______ मेघाच्छन्न = ______


कुँवर सिंह किस उद्देश्य से आज़मगढ़ पर अधिकार किया था?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×