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क्या प्रतिस्पर्धी बाजार में लाभ-अधिकतमीकरण फर्म जिसकी बाजार कीमत सीमान्त लागत के बराबर नहीं है, उसकी निर्गत का स्तर सकारात्मक हो सकता है। व्याख्या कीजिए।

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प्रश्न

क्या प्रतिस्पर्धी बाजार में लाभ-अधिकतमीकरण फर्म जिसकी बाजार कीमत सीमान्त लागत के बराबर नहीं है, उसकी निर्गत का स्तर सकारात्मक हो सकता है। व्याख्या कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

हाँ, अल्पकाल में प्रतिस्पर्धी बाजार में लाभ-अधिकतमीकरण फर्म जिसकी बाजार कीमत सीमान्त लागत के बराबर नहीं है, उसकी निर्गत का स्तर सकारात्मक हो सकता है। इसमें दो स्थितियाँ संभव हैं।

  1. जब बाजार कीमत सीमान्त लागत हो- ऐसे में फर्म को ?
    असामान्य लाभ प्राप्त होते हैं। इसे नीचे दिए चित्र द्वारा दिखाया गया है। फर्म बिन्दु E पर संतुलन में है जहाँ (i) MR = MC है तथा (ii) MC अगली इकाई पर बढ़ रहा है। प्रति इकाई है कीमत = OP है जबकि प्रति इकाई लागत = OC है। प्रति है इकाई लाभ OP – OC = PC है। कुल लाभ PC x OQ = ar PCEM के बराबर है।
  2. जब बाजार कीमत < सीमान्त लागत हो। ऐसे में फर्म को हानि होगी हानि > कुल स्थिर लागत
    अतः फर्म उत्पादन बंद कर देगी।
    यदि बाजार कीमत < सीमान्त लागत है तो इसका अर्थ है औसत परिवर्ती लागत भी नहीं प्राप्त हो रही।
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लाभ अधिकतमीकरण
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अध्याय 4: पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्तिथि में फर्म का सिद्धांत - अभ्यास [पृष्ठ ७८]

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एनसीईआरटी Vyashti Arthashastra Ek Parichay [Hindi] Class 11
अध्याय 4 पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्तिथि में फर्म का सिद्धांत
अभ्यास | Q 8. | पृष्ठ ७८
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