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कोष्ठके दत्तैः सोपसर्गैः धातुभिः रिक्तस्थानानि पूरयत - खगाः जालमादाय आकाशे ______(उत् + पत्)।

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प्रश्न

कोष्ठके दत्तैः सोपसर्गैः धातुभिः रिक्तस्थानानि पूरयत -

खगाः जालमादाय आकाशे ______(उत् + पत्)।

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उत्तर

खगाः जालमादाय आकाशे उदपतन्।

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अध्याय 10: लङ्लकारः (भूतकालः) - सामान्यतया भूतकालार्थे लड्लकार: [पृष्ठ ९२]

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सीबीएसई Sanskrit Manika Prathamo Bhag Class 9
अध्याय 10 लङ्लकारः (भूतकालः)
सामान्यतया भूतकालार्थे लड्लकार: | Q क. 1. | पृष्ठ ९२
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