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प्रश्न
कल्पना कीजिए कि “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ...।” कविता निम्नलिखित के लिए लिखी गई है–
- आप
- आपका कोई सहपाठी
- आपका कोई परिजन
- आपके कोई शिक्षक
- कोई पक्षी
- कोई पशु
इनकी कौन-कौन सी समस्याएँ होंगी? यह कविता उन्हें कैसे प्रेरित करेगी?
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
आप (छात्र):
- समस्या – पिछली परीक्षा खराब हो गई, मन उदास रहता है और पढ़ने का मन नहीं करता।
- प्रेरणा – यह कविता सिखाती है कि बीती असफलता भूलकर आगे की तैयारी करो, तो आगे सुख होगा।
सहपाठी:
- समस्या – खेल की प्रतियोगिता हार गया, रोज़ उसी हार को सोचकर मन खराब करता है।
- प्रेरणा – हार को भूलकर कठिन अभ्यास करने की सुधि लो, अगली बार जीत मिलेगी।
परिजन:
- समस्या – धंधे या नौकरी में नुकसान हो गया, वे दिन-रात उसी चिंता में खोए रहते हैं और नए काम पर ध्यान नहीं दे पाते।
- प्रेरणा – बीता नुकसान छोड़कर नए अवसरों पर चित्त दो, आगे फिर सुख होगा।
शिक्षक:
- समस्या – मेहनत करने के बाद भी किसी कार्यक्रम का परिणाम अच्छा नहीं आया, वे उसी असफलता को बार-बार सोचते हैं।
- प्रेरणा – बीती बात छोड़कर नए विद्यार्थियों और नए कार्यों की सुधि लो।
पक्षी:
- समस्या – तूफ़ान में उसका घोंसला टूट गया और वह उसी टूटे घोंसले के पास दुःखी रहता है।
- प्रेरणा – पुराना घोंसला भूलकर जहाँ सहज बने आवै वहाँ नया घोंसला बनाओ और आगे की सुधि लो।
पशु:
- समस्या – एक कुत्ते को उसके घर से निकाल दिया गया, वह भूखा-प्यासा उसी घर के बाहर दुःखी पड़ा रहता है।
- प्रेरणा – बीती बात भूलकर नया रास्ता और नया आश्रय खोजो, जहाँ भोजन और आश्रय मिल जाएँगे।
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