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कई लोग जंगल से इतनी दूर हो गए हैं कि अकसर आदिवासियों की ज़िंदगी नहीं समझते। कुछ तो उन्हें जंगली भी कह देते हैं। ऐसा कहना सही क्यों नहीं है?

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प्रश्न

कई लोग जंगल से इतनी दूर हो गए हैं कि अकसर आदिवासियों की ज़िंदगी नहीं समझते। कुछ तो उन्हें जंगली भी कह देते हैं। ऐसा कहना सही क्यों नहीं है?

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उत्तर

‘जंगली’ एक अपमानजनक संबोधन है। प्रायः असभ्य लोगों को ‘जंगली’ से संबोधित किया जाता है। आदिवासियों की संस्कृति आम लोगों से बिल्कुल अलग तरह की होती है। दरअसल आदिवासी लोग असभ्य नहीं हैं बल्कि उनके रहन-सहन, खान-पान के तरीके हम लोगों से बिल्कुल अलग तरह के हैं। इसलिये उन्हें ‘जंगली’ कहना गलत है।

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किसके जंगल?
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अध्याय 20: किसके जंगल? - सोचो और लिखो [पृष्ठ १८५]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
अध्याय 20 किसके जंगल?
सोचो और लिखो | Q 2 | पृष्ठ १८५

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