हिंदी

भास्कर भाई की खेती और झूम खेती में क्या समानता है और क्या फ़र्क है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भास्कर भाई की खेती और झूम खेती में क्या समानता है और क्या फ़र्क है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

भास्कर भाई की खेती और झूम खेती में निम्नांकित समानताएँ एवं फ़र्क हैं:
समानताएँ : दोनों तरह की खेती में जैविक खाद का उपयोग किया जाता है।
अंतर : भास्कर भाई पौधों का उपयोग जैविक खाद बनाने में करते हैं। वे जैविक खाद को कम्पोस्टिंग के द्वारा बनाते हैं। वे कम्पोस्टिंग के लिए बने गड्ढे में केंचुए का उपयोग करते हैं। जबकि झूम खेती में खर-पतवारों को खेतों में ही जला दिया जाता है तथा रोख खेतों की मिट्टी में मिल जाता है। यह राख खाद का काम करती है। भास्कर भाई बीज बोने से पहले खेतों को जोतते हैं जब कि झूम खेती में बीज बोने से पहले केवल आँसुए से जमीन को हिला दिया जाता है तथा बीज बो दिये जाते हैं।

shaalaa.com
किसके जंगल?
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 20: किसके जंगल? - हम क्या समझे [पृष्ठ १९१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
अध्याय 20 किसके जंगल?
हम क्या समझे | Q 1 | पृष्ठ १९१

संबंधित प्रश्न

तुम्हें क्या लगता है - जंगल किसके हैं?


बुधियामाई ने कहा - जंगल तो हमारा ‘साँझा बैंक’ है - न तेरा, न मेरा। क्या कोई और ऐसी चीज़ है जो हम सबका साँझा खज़ाना है, कोई उसका ज़्यादा इस्तेमाल करे तो सभी को नुकसान होगा?


क्या तुम्हारा ऐसा कोई साथी है, जिसे तुम अपने मन की हर बात बता सकते हो?


कई लोग जंगल से इतनी दूर हो गए हैं कि अकसर आदिवासियों की ज़िंदगी नहीं समझते। कुछ तो उन्हें जंगली भी कह देते हैं। ऐसा कहना सही क्यों नहीं है?


आदिवासी कैसे रहते हैं इस बारे में तुम क्या जानते हो? लिखो और चित्र बनाओ।


तुम्हारा अपना सपना क्या है? पूरा करने के लिए तुम क्या करोगे?


तोरांग में सूर्यमणि अपने आदिवासी रहन-सहन, नृत्य-संगीत को ज़िंदा रखने के लिए बहुत कुछ करती हैं। क्या तुम अपने समुदाय के लिए ऐसा कुछ करना चाहोगे? तुम किस चीज़ को बचाए रखना चाहोगे?


ओडिशा के एक स्कूल की दसवीं क्लास की लड़की सिकिया ने वहाँ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। उसका एक हिस्सा पढ़ो।


जंगलों की सुरक्षा के लिए क्या - क्या किया जा सकता है?


झूम खेती में तुम्हें क्या कोई बात अनोखी लगी?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×