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कवि ‘छाया’ छूने से क्यों मना करता है?

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प्रश्न

कवि ‘छाया’ छूने से क्यों मना करता है?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

कवि ‘छाया’ छूने के लिए इसलिए मना करता है क्योंकि ‘छाया’ से कवि का तात्पर्य बीते हुए सुखमय दिनों से है। इन सुखमय दिनों को याद करने से वर्तमान के दुख कम नहीं होते हैं, उलटे बढ़ और जाते हैं। ये बीते सुखमय दिन तो लौटकर आते नहीं, उन्हें याद करने से क्या फायदा मिलता है।

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छाया मत छूना
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