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प्रश्न
जिन पुष्पों में परागण नहीं होता है तो ऐसे पुष्पों में निषेचन क्यों नहीं हो सकता?
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उत्तर
फूलों के पौधों में, नर युग्मक परागकणों में परागकोश के अंदर उत्पन्न होते हैं। परागण नर युग्मक वाले परागकणों को परागकोश से वर्तिकाग्र तक ले आता है। कलंक पर परागकणों के सफल आगमन पर, एक पराग नली का निर्माण होता है, जहाँ वे निषेचन के लिए बीजांड में मौजूद नर युग्मक या अंडे को मादा युग्मक तक ले जाते हैं। अतः यदि परागण नहीं होता है तो निषेचन भी नहीं होगा।
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