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प्रश्न
इस कविता से प्रेरणा लेकर एक चित्र बनाइए। उसमें आपने क्या-क्या बनाया है और क्यों?
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उत्तर
मैंने इस कविता से प्रेरणा लेकर 'वर्षा का उत्सव' नाम का एक चित्र बनाया है। चित्र में ऊपर काले-काले बादल और चमकती बिजली बनाई है, क्योंकि कविता में बादल गरजते और बिजली चमकती दिखाई गई है। उनके नीचे झमाझम गिरती वर्षा तथा पहाड़ से गिरता झरना बनाया है, जो वर्षा के आनंद को दिखाता है।
चित्र के एक ओर पंख फैलाकर नाचता मोर बनाया है, क्योंकि मोर वर्षा का सबसे बड़ा प्रेमी है। दूसरी ओर तालाब किनारे गाते मेंढक बनाए हैं, जैसा कविता में वर्णन है। साथ में खिला गुलाब, हिलती डालियाँ, कतार में चलते हंस और उड़ते पपीहे भी बनाए हैं, ताकि प्रकृति की पूरी बहार एक साथ दिख जाए।
एक कोने में कागज़ की नाव चलाते बच्चे और हँसता-मुस्कुराता किसान बनाया है, क्योंकि वर्षा से बच्चों का मन भी खिलता है और किसान की फसल भी। इस चित्र के द्वारा यह बताने की कोशिश की है कि वर्षा पूरे जगत को हरियाली, सुख और खुशियाँ देती है। इसीलिए कवि ने अंत में कहा है कि सारे जगत की शोभा वर्षा पर ही निर्भर है।
