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प्रश्न
इस कहानी का शीर्षक 'नाटक में नाटक' है। कहानी में जो नाटक है तुम उसका शीर्षक बताओ।
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उत्तर
इस कहानी के नाटक का शीर्षक यह होना चाहिए, "रिहर्सल और नाटक की समस्या"।
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कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अनेक विषयों की चर्चा है, जैसे, "व्यापार और वाणिज्य, कानून और न्यायालय, नगर-व्यवस्था, सामाजिक रीति-रिवाज, विवाह और तलाक, स्त्रियों के अधिकार, कर और लगान, कृषि, खानों और कारखानों को चलाना, दस्तकारी, मंडियाँ, बागवानी, उद्योग-धंधे, सिंचाई और जलमार्ग, जहाज़ और जहाज़रानी, निगमें, जन-गणना, मत्स्य-उद्योग, कसाई खाने, पासपोर्ट और जेल-सब शामिल हैं। इसमें विधवा विवाह को मान्यता दी गई है और विशेष परिस्थितियों में तलाक को भी।" वर्तमान में इन विषयों कि क्या स्थिति है? अपनी पसंद के किन्हीं दो-तीन विषयों पर लिखिए।
"नयी ताकतों ने सिर उठाया और वे हमें ग्रामीण जनता की ओर ले गईं। पहली बार एक नया और दूसरे ढंग का भारत उन युवा बुद्धिजीवियों के सामने आया..."
आपके विचार से आज़ादी की लड़ाई के बारे में कही गई ये बातें किस 'नयी ताकत' की ओर इशारा कर रही हैं? वह कौन व्यक्ति था और उसने ऐसा क्या किया जिसने ग्रामीण जनता को भी आज़ादी की लड़ाई का सिपाही बना दिया?
क्या होता अगर
गोमा खेतों को तैयार न करता?
इस पत्र में अनेक देशों, शहरों और नदियों का जिक्र किया गया है। नीचे दिए गए मानचित्र में उन स्थानों के नाम भरो-

पत्र अपने समय के महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों की बातों/विचारों का दस्तावेज़ होता है। इसलिए महत्त्वपूर्ण पत्रों का संकलन भी किया जाता है और समय-समय पर उससे लाभ भी उठाया जाता है। तुम्हें पता होगा कि भारत की आज़ादी के लिए क्रांतिकारी आंदोलन भी चला था जिसमें सरदार भगत सिंहभी शामिल थे। स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान उनके द्वारा अपने मित्रों को लिखे गए एक पत्र को आगे दिया गया है। तुम इसे पढ़ो।

अब तुम बताओ कि
1. तुम्हें इस पत्र द्वारा आज़ादी से पहले किसके बारे में और क्या जानकारी मिली।
2. तुमने देखा कि पत्रों द्वारा तुम्हें देश-विदेश की ही नहीं बल्कि किसी भी समय, किसी भी महत्त्वपूर्ण बात की जानकारी मिल सकती है। तुम अपनी पसंद के विभिन्न समय, समाज और महत्त्वपूर्ण संदर्भों से जुड़े कुछ पत्रों का एक संकलन तैयार करो तथा उस पर अपने साथियों के साथ बातचीत भी करो।
आमतौर पर लोग अपनी मनपसंद, महत्वपूर्ण और आवश्यक चीज़ों का संग्रह करते हैं। नीचे कुछ चीज़ों के नाम दिए गए हैं। जैसे-
(क) डाक-टिकट
(ख) पुराने सिक्के
(ग) गुड़िया
(घ) महत्वपूर्ण पुस्तकें
(ङ) चित्र
(च) महत्वपूर्ण व्यक्तियों के हस्तलेख
इसके अतिरिक्त भी तुम्हारे आसपास कुछ चीज़ें होती हैं जिसे लोग बेकार या अनुपयोगी समझकर कूड़ेदान या अन्य उपयुक्त जगह पर रख या फेंक देते हैं।
(क) तुम पता करो यदि उसका भी कोई संग्रह करता है तो क्यों?
(ख) उसका संग्रह करने वालों को क्या परेशानियाँ होती होंगी?
(इनके उत्तर के लिए तुम बड़ों की सहायता ले सकते हो।)
नीचे दिए गए वाक्य के अंत में उचित विराम चिह्न लगाओ।
मोहन बोला अरे क्या हुआ तुम तो अपना संवाद भूल गए
राजू के शहीद होने का आदिवासियों के आंदोलन पर क्या असर हुआ होगा?
तुम अगर अपने आस-पास, घर, स्कूल व अपने परिवेश की साफ़-सफ़ाई करना चाहो तो क्या-क्या स्वयं कर सकते हो और क्या-क्या करने में तुम्हें अपने मित्रों, सबंधियों, शिक्षकों और अन्य लोगों की सहायता लेनी पड़ सकती है?
"घबराइए नहीं, रेखा जी–देखिए मेरा बेटा भी तो है लेकिन अजय पर तो मुझे पूरा विश्वास है"
अजय की माँ नरेंद्र की माँ से ऐसा क्यों कहती है?
"मैंने सोचा मम्मी तो रोज़ मुझे चाय-नाश्ता कराती है, आज मैं घर जल्दी पहुँचकर उसे चाय बनाकर पिलाऊँ।"
ऊपर के वाक्य को पढ़ो और बताओ कि–
(क) क्या तुम चाय बनाना जानते हो? और क्या-क्या बनाना जानते हो?
(ख) अगर तुम अपने खाने-पीने की कोई भी चीज़ बनाना नहीं जानते तो तुम्हें जो चीज़ सबसे अधिक पसंद हो, उसको बनाना सीखो और उसकी विधि को लिखकर बताओ।
'मशीनी युग ने कितने हाथ काट दिए हैं।'- इस पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?
लेखक ने अपने जीवन की दो घटनाओं में रेलवे टिकट बाबू और बस कंडक्टर की अच्छाई और ईमानदारी की बात बताई है। आप भी अपने या अपने किसी परिचित के साथ हुई किसी घटना के बारे में बताइए जिसमें किसी ने बिना किसी स्वार्थ के भलाई, ईमानदारी और अच्छाई के कार्य किए हों।
साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता थाफिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?
यदि इस कहानी के पात्र बाज और साँप न होकर कोई और होते तब कहानी कैसी होती? अपनी कल्पना से लिखिए
“आरामदेह’ शब्द में ‘देह’ प्रत्यय है‘देह’ ‘देने वाला’ के अर्थ में प्रयुक्त होता हैदेने वाला के अर्थ में ‘द’, ‘प्रद’, ‘दाता’, ‘दाई’ आदि का प्रयोग भी होता है, जैसे-सुखद, सुखदाता, सुखदाई, सुखप्रद उपर्युक्त समानार्थी प्रत्ययों को लेकर दो-दो शब्द बनाइए
कहानी के अंत और आरंभ के हिस्से को स्वयं पढ़कर देखिए और बताइए कि ओस की बूंद लेखक को आपबीती सुनाते हुए किसकी प्रतीक्षा कर रही थी?
''...उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं...''
आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
उस देश के कुछ खाद्य पदार्थों के नाम बताओ।
नीचे दिए गए वाक्य के अंत में उचित विराम चिह्न लगाओ।
तुम नाटक में कौन-सा पार्ट कर रहे हो
