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इलेक्ट्रोड विभव क्या होता है?

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प्रश्न

इलेक्ट्रोड विभव क्या होता है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

इलैक्ट्रोड एवं वैद्युतअपघट्य के मध्य विभवांतर उत्पन्न हो जाता है जिसे इलैक्ट्रोड विभव कहते हैं।

मानक इलेक्ट्रोड क्षमता हमेशा कमी क्षमता होगी।

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गैल्वैनी सेल
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अध्याय 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q III. 35. | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्न

नीचे दिए गए मानक इलैक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

\[\ce{K+/K}\] = −2.93 V, \[\ce{Ag+/Ag}\] = 0.80 V,

\[\ce{Hg^{2+}/Hg}\] = 0.79 V

\[\ce{Mg^{2+}/Mg}\] = −2.37 V, \[\ce{Cr^{3+}/Cr}\] = −0.74 V


उस गैल्वैनी सेल को दर्शाइए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है –

\[\ce{Zn(s) + 2Ag+(aq) → Zn^{2+}(aq) + 2Ag(s)}\], अब बताइए –

  1. कौन-सा इलैक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित है?
  2. सेल में विद्युत-धारा के वाहक कौन-से हैं?
  3. प्रत्येक इलैक्ट्रोड पर होने वाली अभिक्रिया क्या है?

मैगनीशियम इलेक्ट्रोड के इलेक्ट्रोड विभव में निम्न समीकरण के अनुसार परिवर्तन होता है। 

`"E"_("Mg"^(2+)|"Mg") = "E"_("Mg"^(2+)|"Mg")^Θ - (0.059)/2 log  1/(["Mg"^(2+)])`। यदि `"E"_("Mg"^(2+)|"Mg")` एवं log [Mg2+] के मध्य ग्राफ खींचे तो वह कैसा होगा ?


जब सेल में कोई धारा प्रवाहित न हो रही हो तो इलेक्ट्रोडों के विभवों में अन्तर को ______ कहते हैं।


नीचे दिए गए आँकड़ों के आधार पर सर्वाधिक स्थायी ऑक्सीकृत स्पीशीज़ ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


Cu2+/Cu मानक इलेक्ट्रोड विभव का धनात्मक मान दर्शाता है कि ______।

  1. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल अपचायक है।
  2. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल ऑक्सीकारक है।
  3. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित कर सकता है।
  4. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित नहीं कर सकता है।

`"E"_("Zn"^(2+)//"Zn")^⊖` = - 0.76 V व्यंजक में ऋणात्मक मान से क्या तात्पर्य है?


उस गैल्वेनी सेल को चित्रित कीजिए जिसकी सेल अभिक्रिया \[\ce{Cu + 2Ag+ ⟶ 2Ag + Cu2+}\] है।


Cl- आयनों के लिए मानक इलेक्टोड विभव जल से अधिक धनात्मक है फिर भी जलीय सोडियम क्लोराइड विलयन के विद्युत अपघटन में जल की बजाए ऐनोड पर Cl आयन क्यों आक्सीकृत होता है?


एक गैल्वेनी सेल का विद्युत् विभव 1.1V है। यदि इस सेल पर 1.1V का विपरीत विभव लगाया जाए तो सेल की सेल अभिक्रिया और सेल से प्रवाहित हो रहे विद्युत् प्रवाह पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


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