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नीचे दिए गए मानक इलैक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए। K+ /K = −2.93 V, Ag+ | Ag = 0.80 V, Hg2+ /Hg = 0.79 V Mg2+ /Mg = −2.37 V,

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प्रश्न

नीचे दिए गए मानक इलैक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

\[\ce{K+/K}\] = −2.93 V, \[\ce{Ag+/Ag}\] = 0.80 V,

\[\ce{Hg^{2+}/Hg}\] = 0.79 V

\[\ce{Mg^{2+}/Mg}\] = −2.37 V, \[\ce{Cr^{3+}/Cr}\] = −0.74 V

लघु उत्तरीय
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उत्तर

किसी धातु की अपचायक शक्ति उसके ऑक्सीकरण विभव पर निर्भर करती है। ऑक्सीकरण विभव जितना अधिक होगा, ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति उतनी अधिक होगी तथा इसलिए उसकी अपचायक शक्ति भी उतनी ही अधिक होगी। अत: दिए गए धातुओं की बढ़ती अपचायक शक्ति का क्रम निम्न होगा –

\[\ce{Ag < Hg < Cr < Mg < K}\]

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गैल्वैनी सेल
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अध्याय 2: वैद्युतरसायन - अभ्यास [पृष्ठ ६१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 2 वैद्युतरसायन
अभ्यास | Q 2.2 | पृष्ठ ६१

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`"E"_("Mg"^(2+)|"Mg") = "E"_("Mg"^(2+)|"Mg")^Θ - (0.059)/2 log  1/(["Mg"^(2+)])`। यदि `"E"_("Mg"^(2+)|"Mg")` एवं log [Mg2+] के मध्य ग्राफ खींचे तो वह कैसा होगा ?


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`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V  `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V   `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


नीचे दिए गए आँकडों का प्रयोग करते हुए ज्ञात कीजिए कि अपचायक के क्रम का सही विकल्प कौन-सा है?

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


नीचे दिए गए आँकड़ों के आधार पर सर्वाधिक स्थायी ऑक्सीकृत स्पीशीज़ ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


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