हिंदी

गद्यांशं पठित्वा सरलार्थं लिखत। कर्णः तेन हि जित्वा पृथ्वीं ददामि। शक्रः पृथिव्या किं करिष्यामि। नेच्छामि कर्ण, नेच्छमि। कर्णः अथवा मच्छिरो ददामि। शक्रः अविहा। अविहा। - Sanskrit - Composite [संस्कृत - संयुक्त (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

गद्यांशं पठित्वा सरलार्थं लिखत।

कर्णः तेन हि जित्वा पृथ्वीं ददामि।
शक्रः पृथिव्या किं करिष्यामि। नेच्छामि कर्ण, नेच्छमि।
कर्णः अथवा मच्छिरो ददामि।
शक्रः अविहा। अविहा।
कर्णः न भेतव्यम्‌ न भेतव्यम्‌। 
भाषांतर
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उत्तर १

English:

Karna: Then, I conquer the earth and shall not want it.
Indra: What shall I do with the earth? O Karna, I don’t want it; I don’t want it.
Karna: Otherwise, I offer my head itself.
Indra: May god forbid! Let it not happen so! 
Karna: Do not be scared. Be not worried.
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उत्तर २

हिन्दी:

कर्ण  फिर धरती जीतकर दे देता हूँ।
इंद्र मैं धरती का क्या करूंगा? नहीं, कर्ण, नहीं।
कर्ण तो फिर मैं अपना सिर दान करता हूँ।
इंद्र भगवान न करे कि ऐसा घटित हो!
कर्ण डरो मत, डरो मत।
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उत्तर ३

मराठी:

कर्ण तर मग पृथ्वी जिंकून ती देतो. 
इंद्र पृथ्वीचे मी काय करणार? नको, कर्णा, नको. 
कर्ण नाहीतर माझे मस्तकच देतो. 
इंद्र देव करो आणि तसे न होवो! 
कर्ण घाबरू नका, भिऊ नका.
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