Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गांधी जी इतना पैदल क्यों चलते थे? पैदल चलने के क्या लाभ हैं? लिखो।
Advertisements
उत्तर
गांधीजी इतना पैदल चलते थे क्योंकि उन्हें साधारण जीवन जीना पसंद था और वह सादगी, अनुशासन, और आत्मनिर्भरता के प्रतीक थे। पैदल चलना उनके लिए स्वास्थ्य को बनाए रखने और जनता से जुड़ने का एक साधन था। वह अपनी यात्राओं में पैदल चलकर लोगों के बीच उनकी समस्याओं को समझने और उनके साथ सहानुभूति प्रकट करने का प्रयास करते थे।
पैदल चलने के लाभ:
-
- स्वास्थ्य लाभ: यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
- सहज साधन: यह सुलभ और प्राकृतिक व्यायाम है।
- पर्यावरण संरक्षण: पैदल चलने से प्रदूषण कम होता है।
- सामाजिक जुड़ाव: यह लोगों से जुड़ने और संवाद करने का माध्यम बनता है।
- शारीरिक सहनशक्ति: यह शरीर को मजबूत और सहनशील बनाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अंडों के बारे में केशव और श्यामा के मन में किस तरह के सवाल उठते थे? वे आपस ही में सवाल-जवाब करके अपने दिल को तसल्ली क्यों दे दिया करते थे?
केशव ने श्यामा से चिथड़े, टोकरी और दाना-पानी मँगाकर कार्निस पर क्यों रखे थे?
दुकान में किस ट्रेन का मॉडल था?
लेखिका बचपन में कैसी पोशाक पहना करती थी? वर्णन कीजिए।
पुराने ज़माने के लोग यह क्यों सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी? अनुमान लगाओ और बताओ।
इस गीत को तुम किस माहौल में गुनगुना सकते हो?
'एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना’-
- तुम अपने घर में इस बात का ध्यान कैसे रख सकते हो?
- पापा के काम और माँ के काम क्या-क्या हैं?
- क्या वे एक-दूसरे का हाथ बँटाते हैं?
यह गीत किसको संबोधित है?
‘साथी हाथ बढ़ाना’ वाक्य किस ओर संकेत करता है?
नागराजन ने अलबम के मुख्य पृष्ठ. पर क्या लिखा और क्यों ? इसका असर कक्षा के दूसरे लड़के-लड़कियों पर क्या हुआ?
इकट्ठा किए हुए टिकटों का अलग-अलग तरह से वर्गीकरण किया जा सकता है, जैसे-देश के आधार पर। ऐसे और आधार सोचकर लिखो।
मोहन ने क्या बहाना बनाया?
लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी?
बहुविकल्पी प्रश्न
लेखक ने प्रकृति के अक्षर किसे कहा है?
लोकगीत किस अर्थ में शास्त्रीय संगीत से भिन्न है?
अपने इलाके के कुछ लोकगीत इकट्ठा करो। गाए जाने वाले मौकों के अनुसार उनका वर्गीकरण करो।
इस पाठ में कई हिस्से हैं जहाँ किसी काम को करने का तरीका समझाया गया है; जैसेछोटी मछलियों को पकड़ने के लिए इसे पानी की सतह पर रखा जाता है या फिर धीरे-धीरे चलते हुए खींचा जाता है। बाँस की खपच्चियों को इस तरह बाँधा जाता है कि वे शंकु का आकार ले लें। इस शंकु का ऊपरी सिरा अंडाकार होता है। निचले नुकीले सिरे पर खपच्चियाँ एक-दूसरे में गॅथी हुई होती हैं।
इस वर्णन को ध्यान से पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अनुमान लगाकर दो। यदि अंदाज लगाने में दिक्कत हो तो आपस में बातचीत करके सोचो-
(क) बाँस से बनाए गए शंकु के आकार का जाल छोटी मछलियों को पकड़ने के लिए ही क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
(ख) शंकु का ऊपरी हिस्सा अंडाकार होता है तो नीचे का हिस्सा कैसा दिखाई देता है?
(ग) इस जाल से मछली पकड़ने वालों को धीरे-धीरे क्यों चलना पड़ता है?
