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एक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा ______

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प्रश्न

एक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा ______ 

विकल्प

  • एक दिशा में होता है (एकदिशिक)

  • दो दिशाओं में होता है (द्विदिशिक)

  • अनेक दिशाओं में होता है (बहुदिशिक)

  • किसी विशिष्ट दिशा में नहीं होता

MCQ
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उत्तर

एक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एक दिशा में होता है (एकदिशिक)

स्पष्टीकरण - 

एक पारिस्थितिकी तंत्र में, स्वपोषी सूर्य के प्रकाश में मौजूद ऊर्जा को ग्रहण करते हैं और इसे रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। अतः ऊर्जा सूर्य से स्वपोषियों की ओर प्रवाहित होती है। स्वपोषी से ऊर्जा शाकाहारी और अपघटक में जाती है। शाकाहारियों से, ऊर्जा अगले पोषी स्तर के जीवों को दी जाती है और इसी तरह आगे भी लेकिन यह कभी भी पीछे की ओर प्रवाहित नहीं होती है। अत: पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय होता है।

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पारितंत्र - इसके संघटक क्या हैं ?
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अध्याय 15: हमारा पर्यावरण - Exemplar [पृष्ठ १०७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
अध्याय 15 हमारा पर्यावरण
Exemplar | Q 10. | पृष्ठ १०७

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